इंदौर में ब्रिक्स देशों ने तय किया कृषि का रोड मैप 

इंदौर। भारत की अध्यक्षता में आयोजित 5वीं ब्रिक्स एग्रीकल्चर वर्किंग ग्रुप की बैठक का पहला दिन इंदौर में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। इस महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय बैठक में ब्रिक्स सदस्य देशों के प्रतिनिधिमंडलों के प्रमुखों और कृषि विशेषज्ञों ने भाग लिया। इसमें कृषि का रोड मैप तय किया गया ।

 

बैठक के दौरान खाद्य सुरक्षा, पोषण, कृषि व्यापार, किसान कल्याण तथा जलवायु अनुकूल कृषि जैसे विषयों पर व्यापक चर्चा हुई।कार्यक्रम के उद्घाटन सत्र में कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के सचिव अतिश चंद्रा ने सभी प्रतिनिधियों का स्वागत करते हुए कहा कि वर्तमान समय में वैश्विक कृषि क्षेत्र कई चुनौतियों का सामना कर रहा है। ऐसे में ब्रिक्स देशों के बीच सहयोग, नवाचार और ज्ञान के आदान-प्रदान को बढ़ावा देना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने किसान-केंद्रित विकास मॉडल अपनाने, कृषि में आधुनिक तकनीकों के उपयोग और जलवायु परिवर्तन के प्रभावों से निपटने के लिए सामूहिक प्रयासों पर बल दिया।

 

बैठक में सदस्य देशों के प्रतिनिधियों ने खाद्य सुरक्षा और पोषण सुनिश्चित करने, किसानों की आय बढ़ाने, कृषि क्षेत्र में निवेश को प्रोत्साहित करने तथा कृषि व्यापार को मजबूत बनाने के उपायों पर विचार साझा किए। इसके साथ ही पुनर्योजी (रीजेनरेटिव) कृषि और जलवायु-अनुकूल खेती की पद्धतियों को बढ़ावा देने पर विशेष जोर दिया गया, ताकि भविष्य की चुनौतियों के बीच कृषि उत्पादन को टिकाऊ बनाया जा सके।

 

प्रतिनिधियों ने इस बात पर सहमति जताई कि कृषि क्षेत्र में नवाचार, डिजिटल तकनीकों और अनुसंधान आधारित समाधानों को बढ़ावा देकर किसानों की उत्पादकता और आय में वृद्धि की जा सकती है। चर्चा के दौरान प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण, जल प्रबंधन तथा पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखने के उपायों पर भी विचार-विमर्श हुआ।

 

 

इंदौर को मिला वैश्विक मंच

 

 

ब्रिक्स जैसी महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय बैठक की मेजबानी मिलने से इंदौर को वैश्विक स्तर पर नई पहचान मिली है। देश के सबसे स्वच्छ शहर के रूप में प्रसिद्ध इंदौर में आयोजित इस कार्यक्रम ने शहर की उत्कृष्ट व्यवस्थाओं, आधुनिक अधोसंरचना और अंतरराष्ट्रीय आयोजनों की क्षमता को भी प्रदर्शित किया। अतिथियों ने यहां की स्वच्छता और व्यवस्था को सराहा ।

 

साझा दृष्टिकोण

 

बैठक के पहले दिन हुई चर्चाओं में यह स्पष्ट रूप से सामने आया कि ब्रिक्स देश खाद्य सुरक्षा, टिकाऊ कृषि विकास और किसानों के सशक्तिकरण को लेकर एक साझा दृष्टिकोण रखते हैं। प्रतिनिधियों ने कृषि प्रणालियों को अधिक मजबूत, समावेशी और पर्यावरण-अनुकूल बनाने के लिए आपसी सहयोग बढ़ाने की प्रतिबद्धता दोहराई।

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