लागोस (नाइजीरिया) 11 अगस्त (वार्ता) भारत ने कॉमनवेल्थ फेंसिंग चैंपियनशिप 2026 में पहली बार ओवरऑल खिताब जीतकर इतिहास रच दिया। भारत ने चार दिनों तक चली इस प्रतियोगिता में 13 स्वर्ण, आठ रजत तथा 14 कांस्य पदक सहित कुल 35 पदक जीते। भारत ने अंडर-23 और सीनियर दोनों वर्गों में शानदार प्रदर्शन करते हुए पदक तालिका में शीर्ष स्थान हासिल किया। अभियान का अंत भी शानदार रहा, जब भारतीय फेंसरों ने सीनियर वर्ग में दांव पर लगे छह टीम स्वर्ण पदकों में से पांच अपने नाम किए। भारत ने पुरुष साबरे, महिला साबरे, पुरुष एपी, महिला एपी और महिला फॉयल में स्वर्ण जीता, जबकि पुरुष फॉयल में रजत पदक हासिल किया। भारत के इस दमदार प्रदर्शन के लिए उसे विल्किंसन स्वॉर्ड ट्रॉफी से सम्मानित किया गया। यह ट्रॉफी 1982 से कॉमनवेल्थ फेंसिंग फेडरेशन की ओर से चैंपियनशिप में सर्वश्रेष्ठ ओवरऑल प्रदर्शन करने वाले देश को दी जाती है।ओलंपियन भवानी देवी जैसी भारतीय फेंसिंग की दिग्गज खिलाड़ी पहले ही 2018 और 2022 संस्करण में महिला साबरे की व्यक्तिगत स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीत चुकी थीं, लेकिन लागोस में भारत की यह जीत पहली बार है जब देश ने सीनियर और अंडर-23 दोनों वर्गों में चैंपियनशिप पर अपना दबदबा बनाया है।
भारतीय टीम की सफलता तीन दिनों तक चले शानदार व्यक्तिगत फेंसिंग प्रदर्शनों के बाद मिली। भारत ने पहले दिन अंडर-23 व्यक्तिगत स्पर्धाओं में 17 पदकों के साथ अपने अभियान की शुरुआत की, जिसमें चार स्वर्ण, चार रजत और नौ कांस्य पदक शामिल थे। निखिल वाघ ने पुरुष साबरे में पोडियम पर क्लीन स्वीप की अगुआई की, जबकि जॉयस अशिता (महिला फॉयल), प्राची लोहान (महिला एपी) और जेफरलिन (महिला साबरे) ने भी स्वर्ण पदक जीते।
दूसरे दिन सीनियर व्यक्तिगत स्पर्धाओं में भारत ने सात और पदक जीते, जिसमें एक स्वर्ण, दो रजत और चार कांस्य शामिल थे। तनिष्का खत्री और खुशी दाभाड़े ने महिला एपी में स्वर्ण और रजत पदक जीतकर भारत का दबदबा कायम रखा।
बुधवार को भारत की पदक संख्या में पांच और पदक जुड़े। भारत ने तीन स्वर्ण, एक रजत और एक कांस्य पदक जीता। कनागलक्ष्मी (महिला फॉयल), राजेंद्रन शांतिमोल शेरजिन (पुरुष एपी) और करण सिंह (पुरुष साबरे) ने स्वर्ण पदक अपने नाम किए। अंतिम दिन सीनियर टीम स्पर्धाओं में पांच खिताब जीतकर भारत ने ओवरऑल चैंपियनशिप का खिताब अपने नाम किया।
