उज्जैन:तारीफ-ए-काबिल है बेगमबाग का यह सब्र जनाब, शहर तरक्की की खातिर कब्र पर चढ़ाया आखरी गुलाब… यह पंक्तिया इन दिनों सिंहस्थ 2028 की तैयारियों के तहत हरिफाटक के आगे बेगमबाग में चरितार्थ होते हुए दिखाई दी. जिसमे मजहब से ज्यादा आपसी समन्वय को त्वज्जो दी गई.दरअसल 371.11 करोड़ रुपये की लागत से 6-लेन रेलवे ओवरब्रिज का निर्माण हरीफाटक मार्ग पर शुरू हो गया है. यहां बेगमबाग में सघन बस्ती है, यहाँ न सिर्फ मकान हटाए गए बल्कि कब्र भी हटाई जा रही. उज्जैन विकास प्राधिकरण लगातार यहां पर मकान हटाने के कार्रवाई उस दशा में कर रहा है जब कानूनी बाधाए समाप्त हो रही है और स्टे हट रहे.
कब्र पर भी सब्र
जुम्मे की नमाज के पहले गुरुवार को बेगमबाग क्षेत्र ने ऐसा उदाहरण प्रस्तुत किया है, जिसकी प्रशासनिक और सामाजिक दोनों स्तरों पर सराहना हो रही है. हजारों लोगों की आबादी वाले इस मुस्लिम बहुल क्षेत्र में पहले मकान, दुकानें और होटल हटाए गए, वहीं अब मार्ग में आ रही कब्रों और धार्मिक स्थलों के विस्थापन का संवेदनशील मुद्दा भी आपसी सहमति से सुलझा लिया गया है.
कलेक्टर ने बिठाया सामंजस्य
उज्जैन कलेक्टर रोशन कुमार सिंह की पहल पर मुस्लिम समाज, एमपीआरडीसी और प्रशासन के बीच हुई बैठकों के बाद एसडीएम एलएन गर्ग के चैंबर से ऐसा रास्ता निकला, जिसने विकास और धार्मिक आस्था के बीच संतुलन स्थापित कर दिया. मुस्लिम समाज के सहयोगात्मक रवैये के चलते अब मौके पर ब्रिज निर्माण का काम भी शुरू हो गया है. समाजसेवी बड़ा राजू के साथ कुछ और सहयोगी आए, एमपीआरडीसी के अधिकारी दीपक शर्मा दस्तावेज लेकर पहुंचे थे, और बात बन गई.
980 मीटर लंबा ब्रिज
इस योजना में इंदौर-उज्जैन मार्ग के दोनों छोर से बेगमबाग होते हुए नीलकंठ द्वार तक 980 मीटर लंबा 4-लेन ब्रिज और अन्य संपर्क पुल शामिल हैं. महाकाल और गोपाल मंदिर के बीच यातायात को सुगम बनाना इसका मुख्य उद्देश्य है.
मौके पर काम शुरू
उज्जैन कलेक्टर रोशन कुमार सिंह ने नवभारत से चर्चा में बताया कि महाकुंभ 2028 में 50 करोड़ श्रद्धालु आएंगे साधु संत आएंगे ऐसे में 30 हजार करोड़ के निर्माण कार्य विकास कार्य चल रहे हैं जितनी भी बाधा आ रही है उन्हें हटाया जा रहा है सबसे बड़ी बात यह है कि उज्जैन में जहां-जहां चौड़ीकरण हो रहा है मकान दुकान धार्मिक स्थल जद में आ रहे हैं वहां लोग सहयोग कर रहे हैं मुस्लिम समाज ने भी बेगम बाग की बस्ती के मकान अपने हाथों से हटाए हैं और धार्मिक स्थल भी हटाए जा रहे हैं, ऐसे में निर्माण मौके पर प्रारंभ हो गया है पुराने ब्रिज के मुहाने पर मशीन से बोर किया जा रहा है
