मुंबई, 08 जून (वार्ता) विदेशों से मिले नकारात्मक संकेतों के बीच घरेलू शेयर बाजारों में सोमवार को गिरावट रही और प्रमुख सूचकांक करीब एक प्रतिशत नीचे बंद हुए। बीएसई का सेंसेक्स 719.08 अंक (0.97 प्रतिशत) टूटकर 73,524.26 अंक पर बंद हुआ। यह इस साल 02 अप्रैल का बाद का निचला स्तर है। वैश्विक स्तर पर पश्चिम एशिया संकट गहराने से दूसरे एशियाई और यूरोपीय बाजार लाल निशान में रहे, जिसका असर घरेलू बाजारों पर देखा गया। इजरायल के ईरान पर ताजा हमलों से निवेश धारणा कमजोर हुई है। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी-50 सूचकांक भी 243.70 अंक यानी 1.04 प्रतिशत लुढ़ककर 23,123 अंक पर बंद हुआ। यह इसका भी 06 अप्रैल के बाद का निचला स्तर है।
बाजार में चौतरफा बिकवाली देखी गयी। निफ्टी मिडकैप-50 सूचकांक 0.93 प्रतिशत और स्मॉलकैप-100 सूचकांक 1.92 प्रतिशत टूट गया।
स्वास्थ्य को छोड़कर सभी सेक्टरों में गिरावट रही। रियल्टी और धातु समूहों के सूचकांक दो प्रतिशत से ज्यादा गिर गये। वित्त, ऑटो, आईटी, मीडिया, टिकाऊ उपभोक्ता उत्पाद, तेल एवं गैस और रसायन समूहों के सूचकांक एक से दो प्रतिशत तक फिसल गये। सेंसेक्स की कंपनियों में इटरनल का शेयर सवा तीन फीसदी लुढ़क गया। इंडिगो, महिंद्रा एंड महिंद्रा, रिलायंस इंडस्ट्रीज, टीसीएस, बजाज फाइनेंस और एलएंडटी के शेयर दो से ढाई प्रतिशत तक टूटे। टाटा स्टील, बजाज फिनसर्व, ट्रेंट, टाइटन, अडानी पोर्ट्स, अल्ट्राटेक सीमेंट, एचडीएफसी बैंक, मारुति सुजुकी और एशियन पेंट्स के शेयर एक से दो प्रतिशत तक की गिरावट में रहे। आईसीआईसीआई बैंक, इंफोसिस, हिंदुस्तान यूनीलिवर, आईटीसी, एक्सिस बैंक और एचसीएल टेक्नोलॉजीज के शेयर भी लाल निशान में रहे। पावरग्रिड का शेयर सबसे अधिक पौने दो प्रतिशत चढ़ा। टेक महिंद्रा और बीईएल में भी एक प्रतिशत से ज्यादा तेजी रही। भारती एयरटेल, भारतीय स्टेट बैंक और एनटीपीसी के शेयर भी हरे निशान में बंद हुए।

