जबलपुर: न हाथ में ग्लब्स, न चेहरे में मास्क और न यूनिफॉर्म फिर भी सड़कों में झाडू लगाकर अपनी ड्यूटी पूरी करते सफाई कर्मी इन दिनों नजर आ रहे हैं। जबकि अगर स्वास्थ्य की बात करें तो मास्क न होने की वजह से पूरे कचरे की धूल सफाई कर्मियों के शरीर के भीतर पहुंचती है और फिर संक्रामक बीमारियों की चपेट में संबंधित कर्मियों को ले रही है। लेकिन इस गंभीर मुद्दे की ओर नगर निगम प्रशासन का ध्यान नहीं जा रहा है।
नाम न छापने की शर्त पर नगर निगम के कुछ कर्मचारियों ने नवभारत को बताया कि उन्होंने कई बार अपने ठेकेदार और निगम के आला अधिकारियों से मांग की कि उन्हें मास्क और ग्लब्स उपलब्ध कराए जाएं लेकिन आज तक उनकी ये मांग पूरी नहीं हो सकी है। खबर है कि बड़ी तादाद में मौजूद सफाई कर्मियों में से इक्का-दुक्का को छोड़ दें तो किसी के पास ग्लब्स, मास्क सफाईकरते वक्त मौजूद नहीं हैं और वे अपने स्वास्थ्य को जोखिम में डालकर सफाई करते सड़क पर नजर आ रहे हैं। नवभारत के कैमरे में भी सड़क में बिना ग्लब्स, बिना मास्क के एक महिला कर्मचारी झाडू लगाते कैद हुई जिसने व्यवस्था पर सवाल खड़े किए।
जिम्मेदारी लेता नहीं आ रहा कोई नजर
जानकारी के अनुसार बिना ग्लब्स व बिना मास्क के हाथों में झाडू लेकर जो सफाई कर्मी शहर में अपनी ड्यूटी पूरी कर रहे हैं उनमें से अधिकांशत: सर्दी , खांसी और अन्य गंभीर बीमारियों से ग्रसित हो चुके हैं लेकिन हकीकत में उनकी देखरेख करने की जिम्मेदारी निगम प्रशासन की ओर से कोई लेता नहीं नजर आ रहा है। जबकि नियमों के मुताबिक नगर निगम प्रशासन के द्वारा निगम के हर एक सफाई कर्मी को मास्क, ग्लब्स, यूनिफॉर्म दी जाना चाहिए जिससे उसकी सेहत में फर्क न पड़े।
स्वच्छता सर्वेक्षण की टीम भी करती है जांच
जानकारी के अनुसार स्वच्छता सर्वेक्षण की टीम जब जबलपुर आकर सफाई से लेकर सफाई कर्मियों की जांच करती है तो उसमें ये भी देखा जाता है कि सफाई कर्मियों के पास सफाई किट उपलब्ध है कि नहीं। अगर ये किट नदारद मिलती है तो निश्चित है कि स्वच्छता में मिलने वाले नंबर काट दिए जाते हैं।
