जबलपुर: शहर में नगर निगम के स्वच्छता के तमाम दावे उस वक्त खोखले साबित होते दिखे जब नगर निगम मुख्यालय के सामने ही कचरे से लोड एक ट्रैक्टर सुबह से लेकर रात करीब 8 बजे तक सड़क किनारे खड़ा रहा। उस कचरा वाहन में न तो कोई चालक मौजूद था और न कोई अन्य जिम्मेदार- कचरा वाहन लावारिस हालात में दिनभर नगर निगम मुख्यालय के सामने खड़ा रहा जिसमें से कचरा जमीन पर भी गिर रहा था। हैरानी की बात तो ये है कि नगर निगम मुख्यालय के गेट से सुबह से लेकर शाम तक निगम के कमिश्रर, महापौर से लेकर अन्य अधिकारियों के वाहन भी निकले लेकिन किसी ने भी इस कचरा वाहन को हटाने की जरूरत उचित नहीं समझी।
गौरतलब है कि महापौर का बंंगला भी नगर निगम मुख्यालय के बाजू में ही स्थित है और उनके बंगले के सामने भी ये कचरा वाहन दिन भर खड़ा रहा और जिम्मेदारों की कार्यशैली की पोल खोलता रहा। नवभारत के कैमरे में कैद तस्वीर ने सफाई के तमाम दावों की पोल खोली और जिम्मेदारों की कार्यशैली को उजागर किया कि अधिकारी किस तरह ये अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन कर रहे हैं।
जिम्मेदारों की कार्यशैली कटघरे में
सवाल ये खड़ा होता है कि ये कचरा वाहन आखिर आया कहां से और दिनभर नगर निगम मुख्यालय के सामने क्यों खड़ा रहा। आसपास के लोगों ने नवभारत को बताया कि वाहन खड़ा करके चालक कहीं गया है जो अभी तक नहीं आया है। सवाल ये भी उठा कि नगर निगम प्रशासन के जिम्मेदारों द्वारा शहर में हर जगह स्वच्छता को लेकर तमाम दावे किए जाते रहे हैं कि हर जगह सफाई कराई जा रही है लेकिन ये दावे बुधवार को उस वक्त फेल हो गए जब मुख्यालय के सामने से ही जिम्मेदार कचरे से लोड वाहन अलग नहीं करा पाए।
