
सीधी।जिले की महत्वाकांक्षी गुलाब सागर मल्टी विलेज वाटर सप्लाई (एमवीएस) परियोजना के निर्माण कार्यों का कलेक्टर श्री विकास मिश्रा निर्माणाधीन इंटेक वेल पहुंचकर जायजा लिया। कलेक्टर ने परियोजना की प्रगति की विस्तृत समीक्षा करते हुए अधिकारियों एवं कार्यदायी संस्था को निर्माण कार्यों में और अधिक गति लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यह परियोजना जिले के लाखों ग्रामीणों की जीवनरेखा बनने जा रही है, इसलिए सभी कार्य गुणवत्ता के साथ निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण किए जाएं। निर्माण कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनावश्यक विलंब स्वीकार नहीं किया जाएगा।
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने निर्माणाधीन इंटेक वेल, जल परिवहन व्यवस्था तथा अन्य संरचनाओं का अवलोकन कर प्रगति की जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने तथा शेष कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूर्ण करने के निर्देश दिए।
अधिकारियों ने बताया कि दिसंबर 2026 तक परियोजना पूर्ण होने के उपरांत 1 जनवरी 2027 से सीधी विकासखंड के 92 ग्राम, मझौली विकासखंड के 100 ग्राम तथा कुसमी विकासखंड के सभी 131 ग्रामों सहित कुल 323 ग्रामों के 51 हजार 67 परिवारों को हर घर नल से शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराया जाएगा।परियोजना के तहत खड्डी में निर्माणाधीन इंटेक वेल से प्रतिदिन 5.47 करोड़ लीटर जल प्राप्त कर गजरी में निर्माणाधीन फिल्टर प्लांट तक पहुंचाया जाएगा। जल शोधन के बाद प्रतिदिन 4.33 करोड़ लीटर शुद्ध पेयजल सीधी एवं धौहनी विधानसभा क्षेत्र के ग्रामीण परिवारों तक पहुंचाया जाएगा।
कलेक्टर श्री मिश्रा ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराना शासन की सर्वाेच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। परियोजना पूर्ण होने के बाद सैकड़ों गांवों के हजारों परिवारों को नियमित और गुणवत्तायुक्त पेयजल सुविधा मिलेगी, जिससे उनके जीवन स्तर में सकारात्मक बदलाव आएगा।निरीक्षण के दौरान उपखंड अधिकारी चुरहट विकास आनंद मध्यप्रदेश जल निगम के महाप्रबंधक नीरव अग्रवाल, उप महाप्रबंधक धीरेंद्र शर्मा, मेसर्स कल्पतरु के प्रतिनिधि तथा अन्य संबंधित अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।
