
जबलपुर। हाईकोर्ट के जस्टिस आरके वाणी की एकलपीठ ने नवयुगल को सुरक्षा प्रदान करने के निर्देश दिए हैं। यह जिम्मेदारी पुलिस अधीक्षक राजगढ़ को सौंपी है।
दरअसल याचिकाकर्ता राजगढ़ निवासी आरती पाल व सोनू जाट की ओर से दलील दी गई कि आरती व सोनू परस्पर प्रेम संबंध थे। दोनों ने बालिग होने के कारण अपनी स्वतंत्र इच्छा से आर्य समाज मंदिर में हिंदू रीति-रिवाज के अनुसार विवाह कर लिया। विवाह से आरती पाल के स्वजन नाराज थे। वे याचिकाकर्ताओं को जान से मारने की धमकी दे रहे थे। इस कारण दंपत्ति को अपनी जान-माल की सुरक्षा को लेकर गंभीर आशंका थी। परिस्थितियों को देखते हुए याचिकाकर्ताओं ने पुलिस सुरक्षा प्रदान किए जाने हेतु हाईकोर्ट की शरण ली। न्यायालय ने मामले को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर राजगढ़, पुलिस अधीक्षक राजगढ़ व थाना प्रभारी राजगढ़ को याचिकाकर्ताओं को आवश्यक पुलिस सुरक्षा प्रदान करने के निर्देश दिये। इसके साथ ही न्यायालय ने निर्देशित किया कि याचिकाकर्ताओं को किसी प्रकार की परेशानी, उत्पीड़न अथवा जान-माल की हानि न हो तथा उनकी सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।
