नयी दिल्ली, 17 दिसंबर (वार्ता) प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने अदालत में दायर एक आरोप पत्र में पंजाब में नशीली दवाओं के अवैध कामकाज से हुयी कमाई के 83.5 लाख रुपये कथित तौर पर दुबई भेजने और फिर उसी पैसे से गुडगांव मे जमीन खरीदने के मामले का खुलासा किया है।
इस मामले में जांच एजेंसी ने गुड़गांव में खरीदी गयी जमीन कुर्क कर ली और साथ ही दो करोड़ रुपये से अधिक के आभूषण जब्त किए हैं।
धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत की जा रही मनी लॉन्ड्रिंग की जांच के इस दस्तावेज में बताया गया है कि हेरोइन बेचने से मिले पैसे को तीन किस्तों (47.5 लाख रुपये, 20 लाख रुपये और 16 लाख रुपये) में कथित तौर पर निर्मल सिंह उर्फ नीलधारी को सौंपा गया।
निर्मल सिंह ने यह नकदी अमृतसर के लाइसेंस शुदा मनी चेंजर सतपाल सिंह, हीरालाल और हरजीत सिंह उर्फ बग्गा को दी। इन ऑपरेटरों ने निर्देशों के तहत गोविंद सिंह और परमिंदर पाल सिंह उर्फ बॉबी के माध्यम से हवाला चैनलों का उपयोग करके यह राशि दुबई में जसमीत सिंह हकीमजादा तक पहुंचाई।
ईडी की जांच का दावा है कि अंतरराष्ट्रीय मादक पदार्थ तस्कर के रूप में पहचाने गए हकीमजादा ने अवैध धन का उपयोग गुड़गांव के भोगपुर गांव में लगभग चार एकड़ की दो भूखंड खरीदने के लिए किया। इनका मूल्य 1.22 करोड़ रुपये आंका गया है। एजेंसी ने इन संपत्तियों को अस्थायी रूप से कुर्क कर दिया है। इसकी पुष्टि सितंबर 2025 में पीएमएलए निर्णायक प्राधिकरण ने की थी।
इसके अलावा, ईडी ने बताया कि अगस्त 2024 में तलाशी के दौरान हकीमजादा के बैंक लॉकरों से 1,386.22 ग्राम वजन के सोने और हीरे के आभूषण जब्त किए गए। इनकी कीमत 2.03 करोड़ रुपये आंकी गयी।
आरोप पत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि हकीमजादा, उसके माता-पिता और कई संबद्ध कंपनियों को 2019 में अमेरिकी विदेशी संपत्ति नियंत्रण कार्यालय (ओएफएसी) की विशेष रूप से नामित नागरिकों की सूची में शामिल किया गया था।
राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) के प्रतिबंधित संगठन खालिस्तान लिबरेशन फोर्स (केएलएफ) से जुड़े नार्को-टेरर नेटवर्क की जांच में इसका खुलासा हुआ था। ईडी अब इस मामले में मनी लॉन्ड्रिंग के अपराध की जांच कर रही है।
पंजाब से दुबई भेजे गए नशीली दवाओं के कारोबार के लाखों रूपये, ईडी ने दाखिल किया आरोप पत्र
