
भोपाल। ट्विशा शर्मा मौत मामले की जांच अब निर्णायक मोड़ पर पहुंचती दिखाई दे रही है। सूत्रों ने कहा हाई कोर्ट द्वारा अग्रिम जमानत निरस्त किए जाने के बाद सीबीआई ने पूर्व जज गिरिबाला सिंह को उनके कटारा हिल्स स्थित निवास से हिरासत में ले लिया। इससे पहले एजेंसी ने करीब तीन घंटे तक उनसे बंद कमरे में पूछताछ की और घटना वाली रात की पूरी गतिविधियों की जानकारी जुटाई। जांच एजेंसी के सूत्रों के अनुसार, ट्विशा की मौत को लेकर अब तक समर्थ सिंह और गिरिबाला सिंह के बयानों में कई विरोधाभास सामने आए हैं। विशेष रूप से ट्विशा की अपने माता-पिता से आखिरी बातचीत, कथित आत्महत्या का समय और परिजनों को दी गई सूचना के समय को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। पुलिस डायरी की टाइमलाइन में यह तथ्य भी सामने आया है कि परिजनों को मौत की जानकारी देने के लगभग 15 मिनट बाद ट्विशा को सीपीआर दिया गया। इसी बिंदु पर सीबीआई यह जांच कर रही है कि कहीं सीसीटीवी फुटेज के लिए कृत्रिम रूप से रेस्क्यू का दृश्य तो तैयार नहीं किया गया था।
गुरुवार सुबह भी सीबीआई की टीम बागमुगालिया स्थित घर पहुंची और फॉरेंसिक विशेषज्ञों के साथ साक्ष्यों की दोबारा पड़ताल की। टीम ने घर में मौजूद इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस, दस्तावेज और अन्य तकनीकी साक्ष्यों की जांच की। समर्थ सिंह के मोबाइल फोन, लैपटॉप और कॉल डिटेल रिकॉर्ड पहले ही एजेंसी अपने कब्जे में लेकर उनकी फॉरेंसिक जांच शुरू कर चुकी है। जांच के दौरान घर में फारो फोकस थर्मल स्कैनर मशीन का उपयोग किया गया। यह अत्याधुनिक उपकरण किसी भी स्थान का सटीक डिजिटल मैप और थर्मल इमेज तैयार करने में सक्षम माना जाता है। तकनीकी विशेषज्ञों की मौजूदगी में घर के अलग-अलग हिस्सों की बारीकी से जांच की गई।
मामले में नया मोड़ तब आया जब समर्थ सिंह का चचेरा भाई स्वराज सिंह भी मौके पर पहुंचा। सूत्रों के मुताबिक, सीबीआई ने उसे पूछताछ के लिए बुलाया था। दावा किया जा रहा है कि सीसीटीवी फुटेज में समर्थ सिंह और अन्य लोगों के साथ एक तीसरा व्यक्ति भी दिखाई दिया है, जिसकी पहचान स्वराज सिंह के रूप में हुई है। अब एजेंसी दोनों का आमना-सामना कराकर पूछताछ की तैयारी कर रही है उल्लेखनीय है कि ट्विशा शर्मा 12 मई को संदिग्ध परिस्थितियों में मृत मिली थीं। मामले में 15 मई को एफआईआर दर्ज हुई थी। एफआईआर के कुछ घंटों बाद ही भोपाल अदालत से गिरिबाला सिंह को अंतरिम अग्रिम जमानत मिल गई थी, जबकि समर्थ सिंह फिलहाल सीबीआई रिमांड पर है। हाई कोर्ट ने जमानत निरस्त करते हुए अपने आदेश में कहा कि गिरिबाला सिंह जांच में अपेक्षित सहयोग नहीं कर रही थीं।
