शिवपुरी: बदरवास ब्लॉक के खाईखेड़ा गांव में 108 एम्बुलेंस की लापरवाही के चलते एक प्रसूता की जान पर बन आई। परिजनों ने एम्बुलेंस को बुलाने के लिए छह बार फोन लगाए, लेकिन वाहन नहीं पहुंचा। आखिरकार मजबूर परिजनों को किराए का लोडिंग वाहन कर महिला को अस्पताल पहुंचाना पड़ा। खाईखेड़ा निवासी 24 वर्षीय पूजा धाकड़ को शुक्रवार दोपहर प्रसव पीड़ा शुरू हुई थी।
पति अरुण धाकड़ ने दोपहर तीन बजे पहली बार 108 नंबर पर कॉल किया। इसके बाद कुल छह बार फोन लगाने के बावजूद एम्बुलेंस नहीं आई। हेल्पलाइन से हर बार “एम्बुलेंस रास्ते में है” या “अभी व्यस्त है” जैसी बात कहकर फोन काट दिया गया।पूजा के देवर राज धाकड़ के अनुसार, रात होते-होते प्रसूता की हालत बिगड़ने लगी।
आखिर देर रात 600 रुपए में गांव की एक लोडिंग वाहन किराए पर ली गई और 8 किलोमीटर का सफर तय कर आधी रात के करीब बदरवास अस्पताल पहुंचाया गया। इस दौरान पूजा दस घंटे तक दर्द से तड़पती रही। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. संजय ऋषीश्वर ने इसे गंभीर लापरवाही मानते हुए जांच के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाएं न दोहराई जाएं।
