नयी दिल्ली, 26 मई (वार्ता) बाहरी दिल्ली पुलिस ने 60 वर्षीय सुरक्षा गार्ड विजेंद्र की सनसनीखेज हत्या का मामला सुलझा लिया है और घटना के 48 घंटे के भीतर दो नाबालिगों समेत चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
पुलिस सूत्रों के अनुसार आरोपियों ने कथित तौर पर पहचान से बचने के लिए वाहन की नंबर प्लेट हटा दी थी साथ ही अपराध के दौरान और बाद में पुलिस से बचने के लिए फास्टैग भी हटा दिया गया था।
जांचकर्ताओं ने आगे खुलासा किया कि विजेंद्र की हत्या को कथित तौर पर सड़क दुर्घटना के रूप में दिखाया गया था ताकि पुलिस को गुमराह किया जा सके और संदेह से बचा जा सके। हालांकि, बाहरी दिल्ली पुलिस द्वारा इलाके के कई सीसीटीवी फुटेज का विस्तृत विश्लेषण करने के बाद मामले में नाटकीय मोड़ आया।
तकनीकी और जमीनी जांच के बाद पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज किया और एक विशेष जांच दल का गठन किया, जिसने अंततः दो दिनों के भीतर मामले को सुलझा लिया।
पुलिस सूत्रों के अनुसार लगातार छापेमारी और निगरानी के चलते दो नाबालिगों समेत चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। हत्या के मकसद और घटनाक्रम की आगे की जांच जारी है।
पीरागढ़ी गांव में श्री शिध बाबा मंदिर के पास एक टेम्पो स्टैंड पर चौकीदार का काम करने वाले विजेंद्र की शनिवार देर रात कथित तौर पर हत्या कर दी गई।
स्थानीय लोगों के मुताबिक, चार लोग एक कार में घटनास्थल पर पहुंचे थे और उनमें से एक ने कथित तौर पर विजेंद्र पर लाठी से हमला किया। जब विजेंद्र भागने की कोशिश कर रहा था, तो आरोपियों ने कथित तौर पर उसे कई बार कुचल दिया और फिर मौके से फरार हो गए।
शुरुआत में पुलिस को रविवार तड़के करीब 4:03 बजे पीरागढ़ी गांव में एक जानलेवा दुर्घटना की सूचना मिली थी। हालांकि, जांच और सीसीटीवी फुटेज की छानबीन के दौरान, अधिकारियों ने पाया कि पीड़ित को जानबूझकर एक चार पहिया वाहन से दो बार कुचला गया था, जिसके बाद मामले को हत्या की जांच में बदल दिया गया।
इस सनसनीखेज हत्या से ग्रामीणों में आक्रोश फैल गया है, जिन्होंने पीड़ित के लिए न्याय की मांग करते हुए चक्का जाम विरोध प्रदर्शन की घोषणा की है।
