
छिंदवाड़ा. हर्रई में आज सैकड़ो शिकक्षक खंड शिक्षा अधिकारी के विरोध में उतर आए. बुधवार की देर शाम सैकड़ों शिक्षक तहसील कार्यालय पहुंचे जहां उन्होंने खंड शिक्षा अधिकारी प्रकाश कालंबे पर उन्हें प्रताडि़त करने, एरियर भुगतान करने के एवज में रिश्वत की मांग करने सहित अन्य गंभीर आरोप लगाकर तहसीलदार को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा सौंपा है. शिकायतकर्ताओं ने शिकायत की है कि शिक्षकों के सातवें वेतनमान की दो किस्तें, समय-समय पर बढ़े हुए महंगाई भत्ते डीए का एरियर, क्रमोन्नति की अंतर राशि, नवीन शिक्षक संवर्ग के प्रारंभिक वेतन सहित कई मदों का भुगतान अब तक लंबित है. इन एरियरों को जारी कराने के लिए शिक्षकों से कथित रूप से 3 प्रतिशत तक रिश्वत वसूली जा रही है.
मुख्यमंत्री से कार्रवाई की मांग शिक्षक संघ एवं पीडि़त 100से अधिक शिक्षकों ने मुख्यमंत्री, क्षेत्रीय विधायक और तहसीलदार को ज्ञापन सौंपते हुए मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और विकास खंड शिक्षा अधिकारी को पद से हटाया जाए. शिक्षकों का कहना है कि लगातार हो रही प्रताडऩा से समूचा शिक्षक संवर्ग मानसिक रूप से परेशान है।अब देखना होगा कि शासन-प्रशासन इस गंभीर शिकायत पर क्या कार्रवाई करता है.
मंदिर निर्माण के नाम पर वसूली का आरोप ००००००
शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि बीईओ कार्यालय परिसर में हनुमान मंदिर का निर्माण कराया जा रहा है, जिसके लिए अतिथि शिक्षक, नियमित शिक्षक, प्राचार्य और संकुल प्राचार्यों से जबरन चंदा वसूला जा रहा है. चंदा नहीं देने वाले शिक्षकों के विरुद्ध कार्रवाई किए जाने का दबाव बनाया जा रहा है.
वेतन रोकने और भुगतान में अनियमितता ०००००
शिकायत के अनुसार खंड शिक्षा अधिकारी प्रकाश कालंबे कुछ शिक्षकों का वेतन जानबूझकर रोका गया है चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों का पिछले माह से वेतन लंबित है,कंप्यूटर ऑपरेटरों का अगस्त माह से अब तक वेतन भुगतान नहीं हुआ है,एनपीसी की राशि समय पर जमा नहीं की जा रही, भुगतान के लिए रिश्वत की मांग की जा रही है,प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय क्रमोन्नति आज तक लागू नहीं की गई है.व्यक्तिगत मामलों में भी अनियमितता कई शिक्षकों के व्यक्तिगत मामलों में महीनों से वेतन व भत्ते लंबित बताए गए हैं. कुछ प्रकरणों में मेडिकल अवकाश, गृह भाड़ा भत्ता और वर्षों पुरानी क्रमोन्नति राशि भी अब तक अप्राप्त है, जिनके निराकरण के लिए कथित तौर पर पैसे की मांग की जा रही है.
