जबलपुर। मध्य प्रदेश स्टेट सिविल सप्लाई कार्पोरेशन सिवनी के अंतर्गत नरेला स्थित गोदाम में रखे गए 17 मिलर्स के चावल अमानक पाए गए हैं। यह मामला आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (EOW) जबलपुर की जांच में सामने आया है। जांच में पता चला कि सिविल सप्लाई निरीक्षक और मिलर्स ने आपसी सांठगांठ कर शासन को चावल आपूर्ति में भारी चपत पहुंचाई। इस मामले में 13 लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी समेत विभिन्न धाराओं में प्रकरण दर्ज किया गया है।
सूत्रों के अनुसार, गुणवत्ता निरीक्षक जगदीश गिरी गोस्वामी और विनय पांडे के खिलाफ शिकायत मिलने के बाद ईओडब्ल्यू ने कार्रवाई की। जांच में वर्ष 2017-18 में खरीफ उपार्जन की गई धान की मिलिंग और निरीक्षण रिपोर्टों का विश्लेषण किया गया, जिसमें जबलपुर से आए अधिकारी दीपक ठोसर द्वारा चावल को अमानक करार दिया गया था। मामले में दोषी पाए गए मिलर्स में प्रो. अकबर राइस मिल, लक्ष्मी राइस इंडस्ट्रीज, शुभम राइस एंड परबॉयलिंग, स्वास्तिक राइस मिल, ब्योम राइस मिल सहित अन्य शामिल हैं। सभी पर शासन से धोखाधड़ी और आपराधिक षड्यंत्र रचने के आरोप में मामला दर्ज किया गया है।
