नई दिल्ली | हाल ही में ऑनलाइन ट्रैवल प्लेटफॉर्म ‘अगोडा’ द्वारा टिकट कैंसिल करने पर 75% राशि काटने का मामला सामने आया है। दिल्ली भाजपा नेता तेजिंदर सिंह बग्गा ने 6,335 रुपये की टिकट कैंसिल की, तो ऐप ने भारी-भरकम कैंसिलेशन फीस काटकर केवल 1,571 रुपये रिफंड दिखाए। जबकि अकासा एयरलाइंस की आधिकारिक नीति के अनुसार शुल्क मात्र 299 रुपये था। इस खुलासे के बाद सोशल मीडिया पर प्लेटफॉर्म द्वारा की जा रही ‘खुली लूट’ को लेकर तीखी प्रतिक्रिया हुई।
मामले के वायरल होते ही केंद्रीय उपभोक्ता मामलों के मंत्री प्रह्लाद जोशी ने तुरंत कार्रवाई के निर्देश दिए। सरकार ने इसे ‘अनुचित व्यापार प्रथा’ मानते हुए केवल अगोडा ही नहीं, बल्कि देश में संचालित सभी थर्ड-पार्टी बुकिंग प्लेटफॉर्म्स के खिलाफ विस्तृत जांच का आदेश दिया है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि एयरलाइंस के निर्धारित नियमों से अधिक गुप्त शुल्क वसूलने वाली किसी भी कंपनी को बख्शा नहीं जाएगा और उनके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
सरकारी दबाव के बाद संबंधित कंपनी ने सार्वजनिक रूप से माफी मांगते हुए मामला सुलझाने का आश्वासन दिया है। केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण (CCPA) ने स्पष्ट कर दिया है कि यदि कोई डिजिटल प्लेटफॉर्म पारदर्शिता और उपभोक्ता अधिकारों का उल्लंघन करता पाया गया, तो उस पर भारी जुर्माना और ‘क्लास एक्शन’ के तहत कानूनी कार्यवाही होगी। यह कदम ऑनलाइन टिकट बुकिंग में हो रही मनमानी पर रोक लगाने और यात्रियों को आर्थिक शोषण से बचाने की दिशा में एक बड़ा बदलाव साबित होगा।

