भोपाल, 25 जुलाई (वार्ता) मध्यप्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) में घोटाले का आरोप लगाते हुए आज कहा कि गरीबों के हक का राशन अपात्र लोगों के पास जा रहा है।
श्री सिंघार ने सोशल मीडिया पर लिखी पोस्ट में दावा किया कि गरीबों के हक का राशन बड़ी संख्या में अपात्र लोग हथिया रहे हैं। प्रदेश में 1.29 करोड़ परिवारों को मुफ्त में सरकारी खाद्यान्न दिया जा रहा है, लेकिन केंद्र सरकार के डेटा विश्लेषण में सामने आया है कि इनमें से 64.88 लाख लाभार्थी अपात्र हैं। यानी लगभग हर दूसरा व्यक्ति बिना पात्रता के मुफ्त राशन ले रहा है।
उन्होंने आरोप लगाया कि इन अपात्रों में एक हेक्टेयर से अधिक जमीन वाले लोग, 6 लाख रुपये से अधिक सालाना आय वाले लोग और 17 हजार 901 कंपनी संचालक मुफ्त राशन योजना का लाभ ले रहे हैं।
उन्होंने कहा कि गरीब आदिवासी लोगों के मजदूरी करके हाथ के अंगूठे के निशान मिट जाते हैं जिसके चलते पात्र गरीब एवं आदिवासी मजदूरों को राशन नहीं मिलता, इस योजना की यह भी एक त्रुटि है। उन्होंने सवाल किया कि क्या सरकार केवल घोषणाओं तक सीमित रहेगी या अपात्र लोगों की जांच कर उन्हें सूची से हटाकर असली हकदार को उनका हक देगी?
श्री सिंघार ने सरकार से इस विषय पर तत्काल कार्रवाई करने की भी मांग की।
