UPSC प्रीलिम्स: देश भर में 8 लाख मप्र में करीब 30 हजार ने दी परीक्षा, CSAT के बदले पैटर्न ने उलझाया

भोपाल: सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा 2026 रविवार को कड़ी सुरक्षा और निगरानी के बीच संपन्न हुई। मध्यप्रदेश के भोपाल, इंदौर, ग्वालियर और जबलपुर समेत 107 केंद्रों पर हजारों अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी, जबकि कई केंद्रों पर देर से पहुंचने वाले अभ्यर्थी प्रवेश से वंचित रह गए। अभ्यर्थियों ने इस बार सी-सैट के प्रश्न लंबे और बदले हुए पैटर्न के होने की बात कही।

बता दें इस वर्ष देश भर के 83 परीक्षा केंद्रो पर करीब 8 लाख 19 हजार 372 आवेदन प्राप्त हुए थे। वहीं आयोग ने इस बार भीड़ कम करने और अभ्यर्थियों को राहत देने के लिए भुवनेश्वर, कानपुर और मेरठ में तीन नए परीक्षा केंद्र शुरू किए। इन तीनों नए केंद्रों के लिए करीब 23 हजार अभ्यर्थियों ने आवेदन किया। जबकि मप्र में इस बार कुल 4 जिलों में भोपाल समेत इंदौर, जबलपुर और ग्वालियर शामिल रहे. जिसमें प्रदेश भर में कुल 107 केंद्रो पर परीक्षा संपन्न करायी गयी. जिसमें भोपाल में इस बार 36, इंदौर में 27, ग्वालियर में 21 और जबलपुर में कुल 17 केंद्रों पर परीक्षा संपन्न हुई. हालांकि आयोग आधिकारिक तौर पर राज्य स्तर पर परीक्षा देने वाले अभ्यर्थियों की सूची जारी नहीं करता. लेकिन अनुमानित तौर मप्र में करीब 30 हजार से अधिक विद्यार्थी परीक्षा में शामिल हुये हैं.
मप्र में कड़ी निगरानी के बीच हुई परीक्षा
मप्र में भी यूपीएससी प्रारंभिक परीक्षा में इंदौर में करीब 12 हजार, ग्वालियर में करीब 6 हजार 652 जबलपुर में करीब 5 हजार 425 अभ्यर्थियों ने आवेदन किये थे. वहीं भोपाल में करीब 12 हजार 91 अभ्यर्थियों में से केवल 7 हजार 885 अभ्यर्थी ही शामिल हुये. जबकि 4 हजार 206 अनुपस्थित रहे. वहीं शहरों में सुबह से ही परीक्षा केंद्रों के बाहर अभ्यर्थियों की लंबी कतारें देखने को मिलीं। प्रशासन और पुलिस की निगरानी में परीक्षा को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराया गया. हालांकि भोपाल समेंत कई परीक्षा केंद्रों पर अभ्यर्थियों के मात्र 1 से 2 मिनट देरी होने के कारण उन्हें परीक्षा से वंचित रहना पड़ा. जिसमें सुभाष एक्सीलेंस स्कूल भोपाल केंद्र पर भी करीब 7 से 8 विद्यार्थियों की परीक्षा देरी के कारण छूट गई.
अभ्यर्थियों ने कहा सीसैट में पैटर्न बदला
इस बार का पेपर अच्छा था, जो पढ़ा था उसके अनुसार लगता है कि मेहनत रंग ला सकती है. सी- सैट को लेकर लोग कह रहे हैं थोड़ा कठिन था, लेकिन ये तैयारी के उपर निर्भर करता है कि पेपर कैसा था.
अजय पाल, अभ्यर्थी
ये मेंरा दूसरा अटेम्ट था, लेकिन सीसैट में प्रश्न थोड़े ज्यादा लंबे थे, इसे पढ़ने और समझने में ही समय ज्यादा जा रहा था. हालांकि टार्गेट मैच कर लिया है, अब आगे देखते हैं.
दीक्षा जैन. अभ्यर्थी
हर बार से ऐसा लगता है पेपर थोड़ा ज्यादा कठिन था, प्रश्न बड़े आये थे, पढ़ने में ही समय जा रहा था. सी- सैट का पैटर्न भी थोड़ा बदला हुआ लग रहा था.
वंशिका तोमर, अभ्यर्थी
एंट्री से पहले तीन स्तर पर हुई जांच
परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। अभ्यर्थियों को केवल ई प्रवेश पत्र और मूल फोटो पहचान पत्र के आधार पर ही प्रवेश दिया गया। केंद्रों पर फेस ऑथेंटिकेशन प्रक्रिया के जरिए एडमिट कार्ड की फोटो से अभ्यर्थियों के चेहरे का मिलान किया गया। इसके बाद मेटल डिटेक्टर से तलाशी ली गई। वहीं मोबाइल फोन, स्मार्ट वॉच, ब्लूटूथ डिवाइस, डिजिटल घड़ी और इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स उपकरण पूरी तरह प्रतिबंधित रहे।

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