
भोपाल। पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने मुख्यमंत्री मोहन यादव को पत्र लिखकर प्रदेश के किसानों के लिए गुणवत्तायुक्त प्रमाणित सोयाबीन बीज की समय पर उपलब्धता सुनिश्चित करने की मांग की है। उन्होंने बोवनी सत्र से पहले इस मुद्दे पर तत्काल हस्तक्षेप करने का आग्रह किया है।
अपने पत्र में दिग्विजय सिंह ने किसानों को उचित मूल्य पर प्रमाणित बीज उपलब्ध कराने, सोयाबीन बीज के दूसरे राज्यों में निर्यात अथवा परिवहन पर रोक लगाने तथा बीज प्रमाणीकरण व्यवस्था में कथित अनियमितताओं की जांच कराने की मांग उठाई है।
उन्होंने बताया कि मध्यप्रदेश कृषि सलाहकार परिषद के पूर्व सदस्य केदार सिरोही द्वारा भेजे गए ई-मेल में इस संबंध में गंभीर चिंता व्यक्त की गई है। पत्र में कहा गया है कि यदि किसानों को समय पर प्रमाणित बीज उपलब्ध नहीं हुआ तो उन्हें भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है। इससे कृषि उत्पादन के साथ-साथ सोयाबीन खेती पर निर्भर किसानों की आर्थिक स्थिति भी प्रभावित हो सकती है।
दिग्विजय सिंह ने कहा कि मध्यप्रदेश देश के प्रमुख सोयाबीन उत्पादक राज्यों में शामिल है, इसलिए किसानों के हितों की रक्षा करना राज्य सरकार की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में पर्याप्त मात्रा में प्रमाणित बीज उपलब्ध कराना कृषि उत्पादकता बनाए रखने और किसानों को शोषण से बचाने के लिए आवश्यक है।
कांग्रेस नेता ने बीज प्रमाणीकरण प्रक्रिया में कथित गड़बड़ियों पर भी चिंता जताई और निष्पक्ष एवं पारदर्शी जांच कराने की मांग की। उन्होंने कहा कि यदि किसी प्रकार की लापरवाही या अनियमितता सामने आती है तो दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए।
उन्होंने इस पूरे मामले को किसानों के हितों और प्रदेश की कृषि अर्थव्यवस्था से जुड़ा बताते हुए मुख्यमंत्री से शीघ्र संज्ञान लेकर आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाने की अपील की।
