
रीवा। संस्कृति, पर्यटन, धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व विभाग के मंत्री धर्मेन्द्र सिंह लोधी ने कहा कि संत हरिदास भक्ति व संगीत के महान साधक थे. उनकी संगीत साधना भगवान श्रीकृष्ण के चरणों में समर्पित थी. वह भारतीय संगीत की परंपरा थे. मंत्री श्री लोधी प्रांतीय कलाकार संघ द्वारा स्वामी हरिदास संगीत समारोह में शामिल हुए.
भारतीय संस्कृति के विरासत के संरक्षण के उद्देश्य से मानस भवन में आयोजित कार्यक्रम में संस्कृति मंत्री ने कहा कि स्वामी हरिदास की संगीत साधना से भारतीय संगीत की आत्मा धुनित हो उठती थी. हमारा देश सिर्फ भूखण्ड नहीं वरन महान संतों की तपोभूमि है. ऐसे ही महान संत संगीत साधक स्वामी हरिदास जी हुए हैं. उनके सम्मान में यह आयोजन प्रशंसनीय है. प्रांतीय कलाकार संघ द्वारा गत 25 वर्षों से अनवरत यह आयोजन किया जा रहा है. स्वामी हरिदास जी की स्मृति में देश में दिल्ली के अतिरिक्त रीवा में ही यह आयोजन होता है. उन्होंने कहा कि बघेलखण्ड की पुण्य भूमि वंदनीय है. ऐसे आयोजन आध्यात्मिक व सांस्कृतिक पुनर्जागरण के लिए आवश्यक हैं और इन आयोजनों से कलाकारों को उत्साहवर्धन होता है. साथ ही उन्हें अपनी प्रतिभा के प्रदर्शन का भी अवसर मिलता है. ऐसे आयोजनों से आधुनिक पीढ़ी आध्यात्मिक व संगीत के साथ ही अपनी सांस्कृतिक धरोहरों से जुड़ी रहेगी. संस्कृति मंत्री ने आश्वस्त किया कि इस आयोजन के लिए संस्कृति विभाग द्वारा हर संभव सहयोग प्रदान किया जाएगा.
इससे पूर्व आयोजन के संयोजक राजेश शुक्ला ने बताया कि गत 27 वर्षों से इस आयोजन की परंपरा अनवरत चल रही है. उन्होंने संस्कृति मंत्री सहित उपस्थित अतिथियों का स्वागत किया. कार्यक्रम में कलाकारों द्वारा एकल एवं समूह नृत्य व अन्य प्रस्तुतियाँ दी गईं. मंत्री का आयोजकों ने शॉल, श्रीफल व प्रतीक चिन्ह देकर सम्मान किया। इस अवसर पर कमिश्नर बीएस जामोद, जिला भाजपा अध्यक्ष वीरेन्द्र गुप्ता, जनपद अध्यक्ष रीवा संगीता यादव, पूर्व विधायक डॉ. पंचूलाल प्रजापति, एडवोकेट अखण्ड प्रताप सिंह, डॉ. आनंद सिंह, शिवप्रसाद प्रधान, राजेश यादव, सुभाष पाण्डेय, राजीव शुक्ला व पवन तिवारी सहित बड़ी संख्या में गणमान्य जन और संगीत प्रेमी उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में कमिश्नर बीएस जामोद ने कलाकारों को पुरस्कृत किया.
