
भोपाल। मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष जीतू पटवारी ने राज्य सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा है कि भाजपा सरकार के मंत्रियों का “रिपोर्ट कार्ड” अब बंद कमरों में होने वाली समीक्षा बैठकों से नहीं, बल्कि जनता के आक्रोश, विधायकों की नाराजगी और सरकार के भीतर बढ़ते असंतोष से सामने आ रहा है।
मुख्यमंत्री को लिखे पत्र में पटवारी ने आरोप लगाया कि प्रदेश में शासन और प्रशासन की गंभीर विफलताएं लगातार उजागर हो रही हैं। उन्होंने अलीराजपुर के हालिया राजनीतिक घटनाक्रम का उल्लेख करते हुए कहा कि सरकार के ही प्रभारी मंत्री ने विधायक नागर सिंह चौहान से जुड़े कथित शराब कारोबार पर चिंता जताई है, जिससे प्रशासनिक समन्वय और सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े होते हैं।
पटवारी ने इंदौर में गहराते जल संकट को भी सरकार की विफलता का बड़ा उदाहरण बताया। उन्होंने कहा कि कभी देश का पहला “वॉटर प्लस सिटी” कहलाने वाला इंदौर आज पानी की भारी कमी से जूझ रहा है। स्थिति इतनी गंभीर हो चुकी है कि भाजपा विधायक भी सार्वजनिक कार्यक्रमों में नाराजगी जाहिर कर रहे हैं और विरोध स्वरूप कार्यक्रमों से बाहर निकल रहे हैं।
कांग्रेस नेता ने कहा कि ये आरोप विपक्ष के नहीं, बल्कि सरकार के भीतर से सामने आ रही सच्चाइयां हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार जनता की मूल समस्याओं के समाधान के बजाय केवल प्रचार और दिखावे की राजनीति में व्यस्त है, जबकि प्रदेश में पानी की कमी, असुरक्षा और राजनीतिक संरक्षण में शराब माफिया के बढ़ते प्रभाव से आम नागरिक परेशान हैं।
पटवारी ने दावा किया कि भाजपा सरकार की प्रशासनिक व्यवस्था पूरी तरह चरमरा चुकी है। उन्होंने मुख्यमंत्री से मंत्रियों के प्रदर्शन की “राजनीतिक नौटंकी” बंद कर किसानों, बेरोजगार युवाओं, महिलाओं और आम जनता से सीधे फीडबैक लेने की मांग की।
