
भोपाल। मुख्यमंत्री निवास पर रविवार को भाजपा संगठन और प्रदेश सरकार के बीच समन्वय को लेकर अहम बैठक आयोजित हुई। भाजपा के राष्ट्रीय सह संगठन महामंत्री शिवप्रकाश, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, प्रदेश प्रभारी डॉ. महेंद्र सिंह, प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल तथा संगठन के वरिष्ठ पदाधिकारियों ने करीब 20 मंत्रियों के साथ वन-टू-वन चर्चा कर सरकार की योजनाओं, संगठनात्मक गतिविधियों और मंत्रियों के प्रदर्शन की विस्तृत समीक्षा की।
बैठक के बाद प्रदेश भाजपा अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने मीडिया से चर्चा करते हुए बताया कि मंत्रियों के प्रभार वाले जिलों में उनके प्रवास, संगठनात्मक कार्यक्रमों में सहभागिता और संगठन के साथ समन्वय को लेकर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में संगठन की रचना, बैठकों की नियमितता और सरकार-संगठन के बीच बेहतर तालमेल पर विशेष जोर दिया गया।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने जिलों में संचालित प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी योजनाओं की प्रगति की जानकारी मंत्रियों से ली। उन्होंने स्कूलों, स्वास्थ्य केंद्रों, आंगनबाड़ी सेवाओं सहित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की जमीनी स्थिति पर फीडबैक प्राप्त किया। गेहूं खरीदी और अन्य जनहित से जुड़ी योजनाओं के क्रियान्वयन की समीक्षा भी बैठक में की गई।
बैठक में चुनाव के दौरान जनता से किए गए वादों पर सरकार की प्रगति का भी आंकलन किया गया। मुख्यमंत्री ने मंत्रियों से उनके विभागों की उपलब्धियों और अब तक किए गए कार्यों पर विस्तार से चर्चा की। साथ ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपेक्षाओं के अनुरूप पेट्रोल-डीजल की बचत, सार्वजनिक परिवहन के अधिक उपयोग तथा वर्क फ्रॉम होम और वर्चुअल बैठकों को बढ़ावा देने के निर्देश भी दिए गए।
हेमंत खंडेलवाल ने बताया कि संगठन और सरकार दोनों स्तरों पर कार्यों को अधिक प्रभावी और समन्वित बनाने पर लगातार फोकस किया जा रहा है। जिन मंत्रियों से रविवार को चर्चा नहीं हो सकी, उनसे सोमवार को अलग से संवाद किया जाएगा।
उन्होंने यह भी जानकारी दी कि सोमवार को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सभी नवनियुक्त निगम-मंडल अध्यक्षों को प्रशिक्षण के लिए बुलाया है। प्रशिक्षण में जनता से बेहतर संवाद, व्यवहार, कार्यशैली और संगठनात्मक अनुशासन को लेकर मार्गदर्शन दिया जाएगा। संगठन से जुड़े विषयों पर प्रदेश प्रभारी डॉ. महेंद्र सिंह सहित वरिष्ठ पदाधिकारी भी संवाद करेंगे।
बैठक के दौरान कोर कमेटी की बैठक भी वर्चुअल माध्यम से आयोजित की गई, जिसमें सरकार और संगठन के बीच बेहतर समन्वय को लेकर आगे की रणनीति पर चर्चा हुई।
