वॉशिंगटन/इस्लामाबाद | अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन ने पाकिस्तान की यात्रा करने वाले अपने नागरिकों के लिए एक नई और सख्त ‘ट्रैवल एडवाइजरी’ जारी की है। अमेरिकी विदेश विभाग ने सुरक्षा चिंताओं का हवाला देते हुए नागरिकों से पाकिस्तान जाने के फैसले पर पुनर्विचार करने का आग्रह किया है। 26 जनवरी को अपडेट की गई इस एडवाइजरी में पाकिस्तान को ‘लेवल 3’ श्रेणी में रखा गया है, जिसका अर्थ है कि वहां जाना अत्यधिक जोखिम भरा हो सकता है। ट्रंप सरकार ने स्पष्ट किया है कि पाकिस्तान में बढ़ते अपराध, नागरिक अशांति और आतंकवाद की घटनाओं को देखते हुए वहां किसी भी समय बिना चेतावनी के हमले हो सकते हैं।
एडवाइजरी में पाकिस्तान के कुछ हिस्सों, विशेषकर खैबर पख्तूनख्वा और बलूचिस्तान को ‘लेवल 4’ यानी ‘डू नॉट ट्रैवल’ (यात्रा बिल्कुल न करें) की श्रेणी में रखा गया है। अमेरिका के अनुसार, इन क्षेत्रों में विदेशी नागरिकों, विशेषकर सरकारी अधिकारियों का अपहरण और उनकी हत्या के प्रयास आम हैं। चेतावनी में कहा गया है कि आतंकी संगठन होटल, बाजार, स्कूल, अस्पताल और धार्मिक स्थलों को निशाना बना सकते हैं। यह आदेश पाकिस्तानी मूल के अमेरिकी नागरिकों पर भी समान रूप से लागू होता है। ट्रंप प्रशासन ने गच्चा देते हुए शहबाज शरीफ सरकार को यह स्पष्ट संकेत दिया है कि जब तक जमीनी हालात नहीं सुधरते, पाकिस्तान असुरक्षित बना रहेगा।
सिर्फ आतंकवाद ही नहीं, अमेरिकी विदेश विभाग ने वहां के स्थानीय कानूनों को लेकर भी आगाह किया है। एडवाइजरी के मुताबिक, पाकिस्तान में बिना अनुमति के किसी भी प्रदर्शन या राजनीतिक गतिविधि में शामिल होने पर अमेरिकी नागरिकों को हिरासत में लिया जा सकता है। ट्रंप सरकार ने अपने नागरिकों को सलाह दी है कि वे भीड़भाड़ वाले इलाकों से दूर रहें और अपनी सुरक्षा का स्वयं ध्यान रखें, क्योंकि आपात स्थिति में अमेरिकी दूतावास की सहायता सीमित हो सकती है। इस सख्त कदम से पाकिस्तान के पर्यटन और अंतरराष्ट्रीय छवि को बड़ा झटका लगा है, जिसे ट्रंप की ‘अमेरिका फर्स्ट’ नीति के तहत सुरक्षा से समझौता न करने के संकल्प के रूप में देखा जा रहा है।

