चेन्नई 26 अप्रैल (वार्ता) भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने सेमीक्रायोजेनिक इंजन का अल्पकालिक पावर हेड टेस्ट आर्टिकल (पीएचटीए) का सफल गर्म परीक्षण किया है।
इसरो ने शनिवार शाम को एक अपडेट में कहा कि यह परीक्षण तमिलनाडु के महेंद्रगिरि स्थित इसरो प्रोपल्शन कॉम्प्लेक्स (आईपीआरसी) में 24 अप्रैल को किया गया था। यह परीक्षण सेमीक्रायोजेनिक इंजन के विकास कार्यक्रम में एक महत्वपूर्ण कदम है।
इसरो ने कहा कि यह इग्निशन परीक्षण 28 मार्च 2025 को सफल पहले गर्म परीक्षण के बाद दूसरा मील का पत्थर साबित हुआ है जो सेमीक्रायोजेनिक इंजन परीक्षण कार्यक्रम के परीक्षण में एक बड़ी सफलता थी। इस परीक्षण में इंजन पावर हेड टेस्ट आर्टिकल, जिसमें थ्रस्ट चैंबर को छोड़कर सभी इंजन सिस्टम शामिल हैं को 3.5 सेकंड की अवधि के लिए गर्म किया था और इस दौरान इंजन के इग्निशन और बूस्ट स्ट्रैप मोड संचालन को प्रदर्शित किया गया। यह परीक्षण पीएचटीए के महत्वपूर्ण उप-प्रणालियों के एकीकृत प्रदर्शन को प्रमाणित करता है
इसरो ने कहा कि परीक्षण के दौरान इंजन को सफलतापूर्वक चालू किया गया और इसके निर्धारित शक्ति स्तर के 60 प्रतिशत तक संचालित किया गया जिससे स्थिर और नियंत्रित प्रदर्शन प्रदर्शित हुआ।
ये परीक्षण कम दबाव और उच्च दबाव वाले टर्बो पंप, प्री-बर्नर और संबंधित नियंत्रण प्रणालियों सहित महत्वपूर्ण उप-प्रणालियों की डिजाइन अखंडता और प्रदर्शन को मान्य करने के लिए डिज़ाइन किए गए मूल्यांकनों की एक नियोजित श्रृंखला का हिस्सा हैं। परीक्षण का उद्देश्य अल्पकालिक अवधि में इंजन के प्री-बर्नर, टर्बो पंप, स्टार्ट सिस्टम और नियंत्रण घटकों जैसी महत्वपूर्ण उप-प्रणालियों के एकीकृत प्रदर्शन को प्रमाणित करना था।
अपडेट में कहा गया है कि परिणामों ने पूर्ण सेमीक्रायोजेनिक इंजन के परिचालन अनुक्रम को अंतिम रूप देने के लिए महत्वपूर्ण डेटा प्रदान किया। इंजन प्रणाली को व्यापक रूप से मान्य करने के लिए आगे की योग्यता परीक्षण निर्धारित किए गए हैं, जो अंततः इसरो के लॉन्च वाहनों में इसके शामिल होने का मार्ग प्रशस्त करेंगे।
