
इंदौर. एरोड्रम मार्ग पर हुए वीभत्स ट्रक हादसे ने शहर को झकझोर दिया. हादसे में लक्ष्मीकांत सोनी और कैलाशचंद जोशी की जान चली गई, जबकि उनके परिवार सदमे में हैं. 102 सुखदेव नगर निवासी लक्ष्मीकांत सोनी मेडीकेप्स कॉलेज में प्रोफेसर थे. पत्नी संतोष और बेटा वासु (मुंबई में इंजीनियरिंग छात्र) का इकलौता कमाने वाला सदस्य थे. सोमवार रात सोनी कॉलेज से लौटकर रामचंद्र नगर चौराहे पर अपनी बाइक की ओर बढ़े तभी ट्रक ने उन्हें चपेट में ले लिया. परिजनों ने बताया कि उनका शरीर क्षत-विक्षत हो गया. भाभी उनका इंतजार करती रही, लेकिन लौटकर वे नहीं आए. वहीं सोनी के परिजनों ने हादसे में ड्राइवर की नशे की स्थिति और हादसे के वक्त मौजूद पुलिस की लापरवाही पर सवाल उठाया. उन्होंने पूछा कि 118 पुलिसकर्मियों के बावजूद ट्रक कैसे नो-एंट्री में एरोड्रम मार्ग पर घुस सका. सोनी के कजिन भाई प्रदीप और विजय सोनी ने बताया कि लक्ष्मीकांत समाज में मिलनसार और साफ्टवेयर इंजीनियर थे.
कैलाशचंद जोशी: दवाई-खाना लेने निकले, घर नहीं लौट सके
आईडीए कर्मचारी कैलाशचंद जोशी की पत्नी रातभर पति को गुमशुदा मानकर उनका इंतजार करती रही. उन्होंने दवाई और खाना लेने के लिए घर से निकले थे, लेकिन लौटकर नहीं आए. रात 12 बजे ट्रक हादसे की जानकारी परिवार को लगी. पुलिस ने तलाश के बाद शव की पहचान कराई. जोशी की कोई संतान नहीं थी; वे पत्नी के साथ अकेले रहते थे.
