सागर: एडिना इंस्टीट्यूट ऑफ फार्मास्युटिकल साइंसेस सागर में डिपार्टमेंट ऑफ बायोटेक्नोलॉजी (डीबीटी), से “पॉपुलर लेक्चर सीरीज” का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को जैव प्रौद्योगिकी, स्वास्थ्य विज्ञान एवं आधुनिक चिकित्सा के क्षेत्र में हो रहे नवीन अनुसंधानों एवं तकनीकी विकासों से अवगत कराना था।कार्यक्रम के मुख्य अतिथि के रूप में प्रो. (डॉ.) एस. पी. व्यास पूर्व कुलपति डॉ. हरिसिंह गौर विश्वविद्यालय ने विद्यार्थियों को अनुसंधान, नवाचार एवं आधुनिक चिकित्सा विज्ञान में जैव प्रौद्योगिकी की भूमिका पर मार्गदर्शन प्रदान किया।विशिष्ट अतिथि के रूप में डॉ. उमेश के. पाटिल एवं प्रो. सुशील काशव उपस्थित रहे।
कार्यक्रम में आमंत्रित स्पीकर के रूप में डॉ. सी. पी. उपाध्याय ने, प्रोफ़ेसर जैव प्रौद्योगिकी विभाग, डॉ. हरिसिंह गौर विश्वविद्यालय, “विटामिन युक्त फसलों के लिए जेनेटिक इंजीनियरिंग आधारित तकनीकें” विषय पर व्याख्यान प्रस्तुत किया। डॉ. शालिनी बजाज, डीन, फार्मेसी विभाग, एकलव्य विश्वविद्यालय, दमोह, ने “पुनर्योजी चिकित्सा में स्टेम सेल तकनीक” विषय पर अपने विचार साझा किए। डॉ. वैशाली यादव, सह प्राध्यापक, एडिना इंस्टीट्यूट ऑफ फार्मास्युटिकल साइंसेज, सागर ने “क्रिस्पर आधारित जीनोम एडिटिंग : आधुनिक स्वास्थ्य सेवा में परिवर्तनकारी भूमिका” विषय पर विस्तृत जानकारी प्रदान की।
संस्थान के डायरेक्टर डॉ. सुनील कुमार जैन ने विद्यार्थियों को जैव प्रौद्योगिकी एवं शोध आधारित शिक्षा के महत्व के बारे में बताया।कार्यक्रम के संयोजक डॉ. विवेक जैन ने आभार व्यक्त किया ।इस अवसर पर चेयरमैन राजेश जैन, एसोसिएट डायरेक्टर इंजी. रोहित जैन, इंजी. सुयश जैन, मैनेजिंग डायरेक्टर श्रीमती हर्षिता जैन,श्रीमती मंशा जैन, प्राचार्य डॉ. अभिषेक जैन, डॉ.प्रतीक जैन, डॉ. रूपेश जैन,सहित समस्त शिक्षकगण एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे।कार्यक्रम का संचालन डॉ. हर्षिता जैन द्वारा किया गया।
