छतरपुर: महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में राजनगर के ग्राम गंगवाहा में एक बड़ी पहल की गई है। मध्यप्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत यहाँ 25 महिलाओं के लिए मुर्गी पालन इकाइयों का भूमि पूजन किया गया। कार्यक्रम क्षेत्रीय विधायक अरविंद पटेरिया के मुख्य आतिथ्य और जिला पंचायत सीईओ नमः शिवाय अरजरिया के विशिष्ट मार्गदर्शन में संपन्न हुआ।
56 लाख से अधिक की परियोजना, लाखों का अनुदान
जिला परियोजना प्रबंधक श्याम गौतम ने बताया कि गंगवाहा में 25 महिलाओं को मुर्गी पालन इकाइयां स्वीकृत की गई हैं। एक इकाई की कुल लागत 2 लाख 26 हजार रुपये है। इसमें खास बात यह है कि 1 लाख 83 हजार रुपये का बड़ा हिस्सा ‘जिला खनिज प्रतिष्ठान’ द्वारा अनुदान (सब्सिडी) के रूप में दिया जा रहा है। कुल 56 लाख 50 हजार रुपये की इस परियोजना में महिलाओं को बाज़ार व्यवस्था के लिए राजनगर महिला मुर्गी उत्पादक संस्था का तकनीकी सहयोग भी मिलेगा।
विधायक और सीईओ ने बढ़ाया उत्साह
विधायक अरविंद पटेरिया ने अपने संबोधन में कहा कि शासन समाज के अंतिम छोर पर खड़ी महिलाओं के उत्थान के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि ऐसे प्रयासों से न केवल महिलाएं आत्मनिर्भर होंगी, बल्कि उनके परिवार भी समृद्ध बनेंगे। जिला पंचायत सीईओ ने ग्राम पीरा की महिलाओं की सफलता का उदाहरण देते हुए कहा कि महिलाएं कार्य के प्रति अनुशासित होती हैं, इसलिए उन्हें इन आधुनिक प्रबंधन तकनीकों से जोड़ा जा रहा है।
रोशन होंगे घर: सोलर होम लाइट सिस्टम का वितरण
मुर्गी पालन के साथ-साथ सभी 25 हितग्राहियों को ‘स्मॉल ग्रांट प्रोग्राम’ के तहत सोलर होम लाइट सिस्टम भी वितरित किए गए। एक यूनिट में सोलर पैनल, बैटरी, दो एलईडी बल्ब, दो मोबाइल चार्जिंग प्वाइंट और एक टेबल फैन शामिल है। रिचर्ड संस्थान के प्रतिनिधियों ने महिलाओं को इस सिस्टम के रखरखाव और संचालन का प्रशिक्षण भी दिया। यह यूनिट एक बार चार्ज होने पर 8 घंटे का बैकअप देगी, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली की समस्या से निजात मिलेगी।
