खजुराहो/बमीठा: झांसी-खजुराहो फोरलेन पर शनिवार की सुबह उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब देवगांव टोल प्लाजा पर डस्ट से भरे एक डंपर में अचानक भीषण आग लग गई। आग इतनी विकराल थी कि उसने देखते ही देखते टोल प्लाजा के हिस्से को भी अपनी चपेट में ले लिया। घटना सुबह करीब 8 बजे की बताई जा रही है।
शॉर्ट सर्किट बना काल, चालक ने कूदकर बचाई जान
जानकारी के मुताबिक, डंपर (क्रमांक MP16ZF8199) बमीठा से छतरपुर की ओर जा रहा था। जैसे ही वाहन देवगांव टोल प्लाजा के पास पहुँचा, उसमें से धुआं निकलने लगा। शुरुआती जांच में आग की वजह शॉर्ट सर्किट या तकनीकी खराबी मानी जा रही है। डंपर चालक ने केबिन में रखे कंबल से आग पर काबू पाने की कोशिश की, लेकिन लपटें इतनी तेज थीं कि उसे जान बचाने के लिए नीचे कूदना पड़ा। कुछ ही पलों में पूरा डंपर आग की लपटों में घिर गया।
टोल प्लाजा को भारी नुकसान
डंपर में लगी इस आग ने टोल प्लाजा को भी अपनी चपेट में ले लिया। आग की तपिश और लपटों के कारण टोल प्लाजा का सेंसर बैरियर और बूथ बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए। प्रारंभिक अनुमान के अनुसार, टोल प्रबंधन को इस घटना से करीब 2 से 3 लाख रुपए का वित्तीय नुकसान हुआ है।
फायर ब्रिगेड की देरी और सुरक्षा इंतजामों पर सवाल
घटना के दौरान टोल प्लाजा पर सुरक्षा इंतजामों की पोल खुल गई। प्रत्यक्षदर्शियों का आरोप है कि टोल जैसी महत्वपूर्ण जगह पर आग बुझाने के कोई पुख्ता इंतजाम नहीं थे। आग लगने के करीब एक घंटे बाद फायर ब्रिगेड मौके पर पहुँची और आग पर काबू पाया, लेकिन तब तक डंपर जलकर खाक हो चुका था। स्थानीय लोगों ने नाराजगी जताते हुए कहा कि यदि टोल पर अग्निशमन उपकरण होते, तो नुकसान को कम किया जा सकता था।
राहत की बात यह रही कि इस पूरे हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई। बमीठा पुलिस ने मामले की जाँच शुरू कर दी है।
