इंदौर: नगर निगम अब ग्रीन बांड के बाद ब्लू बांड निकालने की तैयारी कर रहा है. ब्लू बांड के जरिए 450 एमएलडी पानी शहर में लाया जाएगा, जो 2047 के आत्मनिर्भर नगर निगम की योजना का हिस्सा है. उक्त 450 एमएलडी नर्मदा पानी की योजना में नगर निगम 16 सौ करोड़ के राशि एकत्र करने हेतु बांड जारी करेगा.नगर निगम द्वारा 60 मेगावाट का सौर उर्जा संयत्र शुरू कर दिया गया है. इससे नगर निगम को पूरे प्रदेश और देश में ख्याति मिली है. इसका श्रेय मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने महापौर पुष्यमित्र भार्गव को दिया है. भविष्य की दृष्टि एसडी शहर हित में उल्लेखनीय कदम बताते हुए अन्य नगर निगम को सौर ऊर्जा के लिए काम करने की सीख दी है.
नगर निगम को सौर ऊर्जा संयत्र स्थापित करने के लिए ग्रीन बांड जारी किए थे. उक्त योजना के लिए 271 करोड़ लागत थी और शहर हित और जनहित में ग्रीन बांड को अच्छा प्रतिसाद मिला. निगम ने भी हर माह बांड धारियों को बकायदा 1 हजार का भुगतान किया है. आज निगम को सौर ऊर्जा संयत्र से बिजली बिल में सालाना 30 से 40 करोड़ रुपए के बचत होगी. साथ ही प्रदेश के अन्य शहरों में सौर ऊर्जा को बढ़ावा भी मिलेगा. ग्रीन बांड से मिली सफलता के बाद नगर निगम शहर में ब्लू बांड जारी करने की तैयारी कर रहा है. ब्लू बांड करीब 16 करोड़ रुपए से 450 एमएलडी नर्मदा जल लाने और वितरण व्यवस्था के लिए जारी होंगे. इससे निगम को नई व्यवस्थाएं करने में जनभागीदारी से योजनाएं बनाने में सहायता मिलेगी और आत्मनिर्भरता की ओर निगम द्वारा आगे कदम उठाए जाएंगे.
60 लाख जनसंख्या तक जरूरत पूरी होगी
महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने बताया कि आत्मनिर्भर नगर निगम बनाने के दृष्टिकोण से ब्लू बांड योजना ला रहा है. उक्त योजना से शहर में पानी की किल्लत ना सिर्फ कम होगी, बल्कि आने वाले 20 सालों तक निगम को जनता के लिए पानी की व्यवस्था नहीं करना पड़ेगी. ब्लू बांड योजना में 450 आने के बाद शहर में 60 लाख जनसंख्या तक पानी की जरूरत खत्म होगी. पूरे शहर में वर्तमान और भविष्य को मिलाकर 900 सौ एमएलडी पानी की व्यवस्था हो जाएगी
