रीवा: सुपर स्पेशलिटी अस्पताल प्रबंधन की संवेदनशीलता और तत्परता के कारण एक गंभीर महिला मरीज को समय पर उपचार मिल सका है. उमरी निवासी एक 34 वर्षीय महिला न्यूरोसर्जरी विभाग में भर्ती हुई थी, जिसकी स्थिति काफी गंभीर थी और उसे तत्काल इलाज की आवश्यकता थी. मरीज के पुराने आयुष्मान कार्ड में तकनीकी गड़बड़ी होने के कारण पोर्टल पर औपचारिकताएं पूरी नहीं हो पा रही थीं और आर्थिक तंगी के चलते परिवार निजी खर्च उठाने में असमर्थ था, जिससे इलाज में व्यवधान उत्पन्न हो रहा था.
जैसे ही यह मामला अस्पताल प्रबंधन के संज्ञान में आया, उन्होंने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए तुरंत भोपाल स्थित आयुष्मान विंग से संपर्क किया और प्राथमिकता के आधार पर महिला का नवीन आयुष्मान कार्ड बनवाया. नया कार्ड बनते ही पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन कर मरीज की रुकी हुई जांचें और उपचार की प्रक्रिया तत्काल शुरू कर दी गई. वर्तमान में महिला विशेषज्ञ डॉक्टरों की देखरेख में है और उसका उपचार पूर्णत: नि:शुल्क किया जा रहा है.
अस्पताल के अधीक्षक डॉ. अक्षय श्रीवास्तव ने बताया कि संस्थान का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी पात्र मरीज दस्तावेजों की कमी के कारण इलाज से वंचित न रहे. उन्होंने कहा कि जानकारी मिलते ही आयुष्मान टीम को त्वरित निर्देश दिए गए ताकि उपचार में देरी न हो. चिकित्सा महाविद्यालय के अधिष्ठाता डॉ. सुनील अग्रवाल के सहयोग से यह अस्पताल निरंतर आयुष्मान मरीजों को सुविधाएं प्रदान कर रहा है. वर्ष 2021 से 2025 तक यहाँ लगभग 26,714 आयुष्मान कार्ड धारी मरीजों का नि:शुल्क इलाज किया जा चुका है. इस मानवीय पहल के लिए मरीज के परिजनों ने प्रबंधन के प्रति आभार व्यक्त किया है
