
जबलपुर। मप्र हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा व जस्टिस विनय सराफ की युगलपीठ ने ग्वालियर खंडपीठ में पदस्थ न्यायमूर्ति राजेश कुमार गुप्ता के दो विवादित निर्णयों के विरुद्ध सुप्रीम कोर्ट जाने का आदेश वापस ले लिया है। दरअसल, हाईकोर्ट के पूर्व प्रशासनिक न्यायाधीश अतुल श्रीधरन ने रजिस्ट्रार जनरल को दोनों आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देने निर्देशित किया था। सीजे की बेंच ने स्पष्ट किया है कि अब पूरे मामले पर आंतरिक प्रक्रिया के तहत प्रशासनिक समिति विचार करेगी।
उल्लेखनीय है कि 22 सितंबर 2025 को प्रशासनिक न्यायमूर्ति अतुल श्रीधरन की अध्यक्षता वाली युगलपीठ ने ग्वालियर खंडपीठ के न्यायाधीश राजेश कुमार गुप्ता के दो आदेशों पर आपत्ति जताई थी। संज्ञान लेकर माना था कि न्यायाधीश गुप्ता द्वारा शिवपुरी के एडीशनल जज विवेक शर्मा के खिलाफ की गईं कुछ टिप्पणियां जमानत अधिकार क्षेत्र या संविधान के तहत न्यायिक शक्ति के दायरे से बाहर प्रतीत होती हैं। न्यायाधीश श्रीधरन की पीठ ने यह भी माना था कि न्यायिक अनुशासन के तहत उन आदेशों को हाईकोर्ट स्वयं नहीं छू सकता, इसलिए मामले की न्यायिक समीक्षा केवल सुप्रीम कोर्ट ही कर सकता है। इसी आधार पर रजिस्ट्रार जनरल को विशेष अनुमति याचिका दायर करने के निर्देश दिए गए थे। कालान्तर में न्यायमूर्ति श्रीधरन के इलाहाबाद ट्रांसफर होने के बाद हाईकोर्ट ने संबंधित प्रकरणों का रिकॉर्ड तलब किया और प्रिंसिपल रजिस्ट्रार विजिलेंस से रिपोर्ट भी मांगी। इसके बाद पूरा मामला हाईकोर्ट की प्रशासनिक समिति के समक्ष भेजा गया।
