मुंबई, 24 अप्रैल (वार्ता) तेल एवं गैस कारोबार में परिचालन लाभ में 10 फीसदी से अधिक की गिरावट के कारण वित्त वर्ष 2025-26 की चौथी तिमाही में रिलायंस इंडस्ट्रीज का समेकित शुद्ध लाभ 8.1 प्रतिशत घटकर 20,616 करोड़ रुपये रह गया।
कंपनी के निदेशक मंडल ने शुक्रवार को वित्तीय परिणामों को मंजूरी प्रदान की। इसमें बताया गया है कि तेल एवं गैस खंड में परिचालन लाभ में 10.1 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गयी है। अन्य सभी खंडों में परिचालन लाभ बढ़ा है।
अमेरिका में उच्च आयात शुल्क और पश्चिम एशिया संकट के बीच कंपनी का कहना है कि तीसरी तिमाही में केजी डी6 में गैस उत्पादन 6.4 प्रतिशत कम रहने से तेल एवं गैस कारोबार के राजस्व में भी 5.4 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गयी है। इसके साथ ही मुख्य रूप से डिजिटल सेवाओं में ज्यादा मूल्य ह्रास के कारण कुल मूल्य ह्रास सालाना 8.6 फीसद बढ़कर 57,688 करोड़ रुपये पर पहुंच गया है।
तिमाही के दौरान कंपनी का कुल राजस्व 12.9 प्रतिशत बढ़कर 3,25,290 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। इस दौरान उसका कर्ज एक साल पहले के 3.48 लाख करोड़ रुपये से बढ़कर 3.74 लाख करोड़ रुपये हो गया। कंपनी के पास कुल 2.50 लाख करोड़ रुपये की नकदी है।
पूरे वित्त वर्ष के दौरान कंपनी ने समेकित आधार पर रिकॉर्ड राजस्व, परिचालन लाभ और शुद्ध लाभ अर्जित किया। उसका राजस्व 9.8 फीसदी बढ़कर 11,75,919 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। परिचालन लाभ 13.4 प्रतिशत और शुद्ध लाभ 18.3 प्रतिशत बढ़कर क्रमशः 2,07,911 करोड़ रुपये और 95,610 करोड़ रुपये दर्ज किया गया। निदेशक मंडल ने प्रति इक्विटी शेयर छह रुपये के लाभांश की भी घोषणा की है।
रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक मुकेश अंबानी ने परिणामों पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि वित्त वर्ष 2025-26 भू-राजनैतिक व्यवधानों, ऊर्जा की कीमतों में उथल-पुथल और वैश्विक व्यापार पैटर्न में बदलावों भरा रहा। इस सभी चुनौतियों के बीच भारत और रिलायंस इंडस्ट्रीज विकास की राह पर अग्रसर रही।
जियो का तिमाही मुनाफा 13 प्रतिशत बढ़कर 7,935 करोड़ रुपये पर और राजस्व 12.7 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 44,928 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। श्री अंबानी ने कहा कि जियो को शेयर बाजार में सूची बद्ध करने की तैयारी जोर-शोर से चल रही है।
रिलायंस रिटेल वेंचर्स को 3,563 करोड़ रुपये का तिमाही शुद्ध लाभ और 98,232 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ है। इनमें क्रमशः 0.5 प्रतिशत और 10.8 प्रतिशत की सालाना वृद्धि रही है।
