सिर्फ सर्वर या चिप्स से नहीं, मानव संसाधनों से बनेगा इंटेलिजेंस का युग: अडानी

नयी दिल्ली, 11 मई (वार्ता) अडानी समूह के चेयरमैन गौतम अडानी ने सोमवार को देश के विकास के लिए ‘भारत’ के लोगों को ध्यान में रखते हुए एआई के विकास पर जोर देते हुए कहा कि इंटेलिजेंस युग सिर्फ सर्वरों और चिप्स की बजाय मानव संसाधनों में निवेश करके बनाया जा सकेगा। श्री अडानी ने यहां भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) के वार्षिक व्यापार सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा, “इंटेलिजेंस युग केवल सर्वर, चिप्स और एल्गोरिदम से नहीं बनेगा। इसे इलेक्ट्रिशियन, तकनीशियन, ऑपरेटर, सुरक्षा अधिकारी, कूलिंग इंजीनियर, ग्रिड मैनेजर, डेटा सेंटर टीमें और लाखों युवा भारतीय मिलकर बनाएंगे, जो डिजिटल दुनिया के पीछे मौजूद भौतिक अवसंरचना का रखरखाव करेंगे।
उन्होंने कहा कि एआई का उद्देश्य भारत के लोगों की सेवा होना चाहिए। भविष्य में आजादी का मतलब क्षमता होगा और आजादी की अगली लड़ाई सीमा पर नहीं, बल्कि हमारे ग्रिडों में, डाटा सेंटरों में फैक्टरियों में, कक्षाओं में, प्रयोगशालाओं में और हमारे दिमाग के भीतर लड़ी जायेगी।

अडानी समूह के चेयरमैन ने कहा कि जिस तरह से डाटा सेंटर बढ़ रहे हैं, आने वाले समय में उनके लिए बिजली की मांग भी बढ़ेगी। आज अमेरिका हर दिन 140 लाख बैरल कच्चे तेल का उत्पादन करता है, जो दुनिया के किसी भी देश से ज्यादा है। अमेरिका की 40 प्रतिशत बिजली प्राकृतिक गैस से पैदा होती है। इसके बावजूद अमेरिका यहीं नहीं रुका है, वह अत्याधुनिक परमाणु, डीप जियोथर्मल, बड़े पैमाने पर नवीकरणीय ऊर्जा, ग्रिड स्केल भंडारण और अगली पीढ़ी की ऊर्जा प्रौद्योगिकियों में निवेश कर रहा है।

उन्होंने कहा कि चीन ने भी आयातित ऊर्जा पर निर्भरता कम करने के लिए कोयले पर आधारित अर्थव्यवस्था तैयार की, और साथ-साथ नवीकरणीय ऊर्जा में मानव इतिहास का सबसे आक्रामक निवेश किया। साल 2025 में पूरी दुनिया में नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता में जितनी वृद्धि हुई उसमें 64 प्रतिशत योगदान अकेले चीन का था। श्री अडानी ने कहा कि भारत को न तो अमेरिका के रास्ते पर चलना चाहिए, न चीन के। भारत को अपना खुद का रास्ता खोजना होगा। भारत इस लिहाज से मजबूत स्थिति में है कि हम जितना बनायेंगे, उसकी मांग देश में ही होगी। हमारे सामने चुनौती यह है कि हम मांग को पूरी करने के लिए क्षमता विकसित करें।

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