32 साल बाद अभिनेता अनुपम खेर उसी जगह पर पहुंचें जहां फिल्म डीडीएलजे का ट्रेन वाला आइकॉनिक सीन शूट हुआ था। अनुपम खेर ने सोशल मीडिया पर अपना एक वीडियो शेयर किया है।
साल 1995 में आई ब्लॉकबास्टर मूवी ‘दिल वाले दुल्हनिया ले जाएंगे’ को कौन नहीं जानता। मूवी के सुपरहिट डायलॉग से लेकर गानों तक हर कोई फिल्म का दीवाना है। आज 32 साल बाद अभिनेता अनुपम खेर ठीक उसी जगह पर पहुंचे जहां फिल्म का ट्रेन वाला आइकॉनिक सीन शूट हुआ था। अनुपम खेर ने सोशल मीडिया पर अपना एक वीडियो शेयर किया है।
वीडियो में अनुपम खेर उस सीन वाली लोकेशन को देखकर भावुक हो गए। और बोल रहे हैं कि तीन दशकों बाद उसी जगह पर पैर रखना उनके लिए किसी चमत्कार से कम नहीं है। साथ ही उन्होंनें वीडियो के जरिए महाराष्ट्र सरकार से उस जगह को पर्यटक स्थल बनाने की भी अपील की है।
वीडियो शेयर कर भावुक हुए अनुपम खेर
अनुपम खेर ने इंस्टाग्राम अकाउंट पर अपना एक वीडियो शेयर करते हुए 32 साल पुरानी फिल्म ‘डीडीएलजे’ के क्लाइमेक्स सीन को याद किया। वीडियो में अनुपम खेर फिल्म की शूटिंग वाली लोकेशन को देख भावुक हो गए। वीडियो में अनुपम खेर बोल रहे है, कि इतने सालों बाद इस जगह पर आना उनके लिए किसी चमत्कार से कम नहीं है। वीडियो में साफ सुना जा सकता है कि ‘मैं एक रेलवे स्टेशन पर आया हूं। एक आइकॉनिक फिल्म का आइकॉनिक सीन यहां शूट किया गया था। ये भारतीय सिनेमा के इतिहास में दर्ज है कि दुनिया भर में हर किसी ने वो सीन देखा होगा और याद किया होगा।
‘डीडीएलजे’ के आइकॉनिकसीन का किया ज़िक्र
फिल्म के सीन को याद करते हुए अनुपम खेर ने कहा कि ‘यह सीन दिल वाले दुल्हनिया का है। जब सिमरन दौड़ती है और अमरीश पुरी कहते है, जा सिमरन जा जी ले अपनी ज़िंदगी और सिमरन यहां से दौड़ती है। शाहरुख वहां हैं। ट्रेन वहां है। शाहरुख ट्रेन से अपना हाथ बढ़ाते हैं। सिमरन अपना लहंगा पकड़ती है और ट्रेन में चढ़ जाती है। ये एक आइकॉनिक जगह है। हां चोपड़ा परिवार के साथ हमारी सारी यादें वापस आ गई। हमने साथ में बहुत अच्छा समय बिताया है।
महाराष्ट्र सरकार से की अपील
वीडियो में अनुपम खेर ने महाराष्ट्र सरकार से अपील करते हुए कहा कि इस जगह को एक टूरिस्ट स्थल के रूप में विकसित करें। दुनिया भर में कई फिल्मों की ऐसी लोकेशन हम सबके लिए भावनाओं का हिस्सा बन जाती है। हमें भी ऐसी जगहों को सहेजना चाहिए। दुनियाभर में ऐसी फिल्म लोकेशन लोगों के इमोशन का हिस्सा बन जाती है। जिसे हम कभी भूल नहीं सकते।
