ब्रसेल्स, 24 अप्रैल (वार्ता) यूरोपीय संघ(ईयू) दक्षिणी लेबनान में संयुक्त राष्ट्र शांति मिशन के समाप्त होने के बाद अपना अलग अभियान भेजने की संभावना पर विचार कर रहा है। ईयू की विदेश नीति प्रमुख काजा कलास ने कहा कि लेबनान में मौजूद संयुक्त राष्ट्र अंतरिम बल का मिशन के समाप्त होने के बाद लेबनान की सशस्त्र सेनाओं को हिज्बुल्ला को निरस्त्र करने और देश में नियंत्रण स्थापित करने के लिये अतिरिक्त सहायता की आवश्यकता होगी। इस संबंध में यूरोपीय संघ के विदेश और रक्षा मंत्रियों के साथ चर्चा जारी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रस्तावित यूरोपीय मिशन का स्वरूप संयुक्त राष्ट्र मिशन से भिन्न होगा और इसका उद्देश्य लेबनान की वास्तविक जरूरतों को पूरा करना होगा।
यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है जब लेबनान में नाजुक संघर्षविराम को तीन सप्ताह के लिए बढ़ाया गया है। यह समझौता इजरायल और लेबनान के प्रतिनिधियों के बीच वार्ता के बाद हुआ।
मार्च में अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर हमलों के बाद क्षेत्र में तनाव बढ़ गया था, जिसके बाद हिज्बुल्ला ने ईरान का समर्थन किया और इजरायल के साथ संघर्ष तेज हो गया। इस बीच अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की मध्यस्थता से युद्धविराम बढ़ाना संभव हो सका और इससे स्थायी शांति की दिशा में प्रयासों को समय मिला है।
अमेरिका में इजरायल के राजदूत येचिएल लीटर ने कहा कि शांति की संभावना बनी हुई है, लेकिन इसके लिए हिज्बुल्ला को निष्क्रिय करना आवश्यक है। संयुक्त राष्ट्र में इजरायल के राजदूत डैनी डैनन ने युद्धविराम पर संदेह व्यक्त करते हुए कहा कि यह पूरी तरह प्रभावी नहीं है और हिज्बुल्लाह की गतिविधियां इसे कमजोर कर रही हैं। उल्लेखनीय है कि युद्धविराम के दौरान भी दोनों पक्षों द्वारा हमले किए गए हैं, जिनमें हाल ही में दक्षिणी लेबनान में हुए एक हमले में एक पत्रकार की मृत्यु हो गई और एक अन्य गंभीर रूप से घायल हो गया।

