पांढुरना: प्रदेश सकरार के किसान विरोध्दी नितियों के खिलाफ शुक्रवार को किसान कांग्रेस के जिलाध्यक्ष हरनामसिंह सेंगर के नेतृत्व में कांग्रेस संगठन के कार्यकर्ताओं के साथ ही किसानों ने चार सूत्रीय मांगों को लेकर मुख्यमंत्री के नाम कलेक्टर को ज्ञापन सौपा तथा इनका शीघ्र ही निराकरण नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी भी दी है।प्रदेश के अन्य जिलों की तरह ही प्रदेश की अंतिम सीमा पर स्थित इस कृषक बाहुल्य पांढुरना जिले के किसानों में भी प्रदेश सरकार की किसान विरोधी नीतियों के खिलाफ भारी आक्रोश व्याप्त है,इसके विरोध स्वरूप शुक्रवार को किसान कांग्रेस के जिला अध्यक्ष हरनाम सिंह सेंगर के नेतृत्व में मुख्यमंत्री के नाम कलेक्टर को सौंपे ज्ञापन में सेवा सहकारी समिति की नई ई टोकन कार्य प्रणाली से किसान बहुत अधिक परेशान हो रहे
है,ऋण लेंने की प्रक्रिया इतनी अधिक जटिल कर दी है कि इसे समझ कर पूरा करना असंभव हो रहा है,इस भीषण गर्मी में बुजुर्ग किसानों को बैंकों के चक्कर लगा परेशान होना पड रहा है। वहीं ऋण लेंने के लिए जमानतदार की मांग की जा रहीं है,वर्तमान परिस्थितियों में कोई भी किसान दूसरे किसान की जमानत देंने को तैयार नहीं है,जिससे पात्र किसान भी ऋण से वंचित रह रहे है।
किसानों ने सरकार से मांग की है कि किसानों की आर्थिक कमजोर स्थिति को देखते हुए समस्त कृषि ऋण तत्काल माफ किए जाए,ऋण प्रक्रिया को खाद से अलग रखा जाए,ऋण हेतू जमानतदार की अनिवार्यता समाप्त की जाए और कागजी कार्यवाही को न्यूनतम एवं सुलभ बनाया जाए तथा किसानों की कृषि उपज के लिए लाभकारी और उचित मुल्य सुनिश्चित किया जाए।
इस आशय का मुख्यमंत्री के नाम जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपते समय पूर्व विधायक सुरेश झलके,सौसर विधायक विजय चौरे,हरनाम सिंह सेंगर,नरेंद्र पंनासे,गणेश भादे, हुकुमचंद पराडकर,सुनील सुले,सुरेश ठाकरे, डॉ साहेबराव टोम्पे,रामकृष्ण पोद्दार, अनिल चौधरी ,किशोर गायकवाड, विलास धोटे ,दीपक मुरम्कर सुभाष गेडाम, राम किशन हिवसे , राजेंद्र जुमडे, अनिल महाले,डॉ प्रशांत महाले आदि प्रमुख रूप से उपस्थित थे ।
