सीहोर। जिला प्रशासन द्वारा खेतों में नरवाई जलाने को लेकर प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किए जाने के बाद भी किसानों द्वारा धड़ल्ले से नरवाई जलाई जा रही है जिससे आगजनी की घटनाओं में वृद्धि हुई है तो इससे पर्यावरण भी प्रदूषित हो रहा है. गुरुवार को भी समीपस्थ ग्राम रफीकगंज के खेतों में खड़ी नरवाई में आग लगी, जो इतनी अधिक विकराल हो गई कि फायर ब्र्रिगेड को आकर आग पर काबू पाना पड़ा.
गौरतलब है कि हर साल की तरह जिला प्रशासन द्वारा खेतों में फसल के अवशेष (नरवाई) जलाने पर प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किए गए हैं, लेकिन जिले में इन आदेशों का कतई पालन होता नहीं दिख रहा है. आलम यह है कि दिन और रात में किसानों द्वारा नरवाई को आग के हवाले किया जा रहा है. गुरुवार को भी समीपस्थ ग्राम रफीकगंज के खेतों की नरवाई में आग लग गई. हालांकि किसानों का कहना था कि बिजली के तारों से निकली चिंगारी के चलते नरवाई में आग लग गई थी. आग इतनी तेजी से फैली कि खेतों के समीप मकानों तक उसकी लपटें पहुंचने का खतरा बन गया था. ऐसे में किसानों ने फायर ब्रिगेड को सूचित किया. फायर ब्रिगेड कर्मचारियों ने किसानों की मदद से आग पर काबू पाया.
किसानों द्वारा फसल काटने के बाद खरीफ की बोवनी करने के लिए खेतों को तैयार किया जा रहा है. ऐसे में वह नरवाई को आग के हवाले कर रहे हैं. वह आसानी से इस कृत्य को इसलिए अंजाम दे रहे हैं, क्योंकि प्रतिबंधात्मक आदेश जारी करने के बाद प्रशासन द्वारा सख्ती से इसका पालन कराने में कोताही बरती जा रही है.
