पटना, 23 जुलाई (वार्ता) बिहार विधानसभा में प्रतिपक्ष और राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के वरिष्ठ नेता तेजस्वी प्रसाद ने आज कहा कि लोकतंत्र की जननी बिहार की धरती से उसके खात्मे की शुरुआत की जा रही है।
श्री यादव ने महागठबंधन द्वारा उनके आवास पर आयोजित संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि लोकतंत्र में वोटर सरकार चुनता है, लेकिन बिहार में सरकार वोटर चुन रही है। यह प्रक्रिया लोकतंत्र को खत्म करने की तैयारी है। उन्होंने कहा कि मतदाता गहन पुनरीक्षण के माध्यम से लोगों के अस्तित्व और हर तरह की सरकारी योजनाओं से वंचित करने की साजिश की जा रही है एवं सत्ता पक्ष चुनाव आयोग के पक्ष में खड़े होकर जनता के नागरिक अधिकार को कमजोर करना चाहती है ।
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि मतदाता पुनरीक्षण के मुद्दे पर विधानसभा अध्यक्ष से उन्होंने मुलाकात की और प्रस्ताव रखा था कि इसपर चर्चा होनी चाहिए। विधान सभा अध्यक्ष की अनुमति से जब वह अपनी बात रख रहे थे उस समय उप मुख्यमंत्री विजय सिन्हा और मंत्रीगण हल्की बातें कर रहे थे जो सदन की गरिमा के अनुरूप नही थी।
श्री यादव ने कहा कि भाजपा के मंत्री और उप मुख्यमंत्री बार-बार बिहार में विदेशी मतदाताओं की बात करते रहे हैं लेकिन चुनाव आयोग द्वारा सर्वोच्चा न्यायालय में दायर 700 पेज के हलफनामे में कहीं भी किसी विदेशी नागरिक की चर्चा नही है। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग की रिपोर्ट कह रही है कि 50 लाख से ज्यादा मतदाता या तो मृत हैं या अपने पते पर उपलब्ध नही हैं। उन्होंने आशंका जताई कि 50 से 80 लाख मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से काटे जा सकते हैं।
