
आष्टा। कोठरी स्थित वीआईटी यूनिवर्सिटी में एक बार फिर बड़ी संख्या में छात्रों के बीमार होने का मामला सामने आया है. 17 विद्यार्थियों की टायफाइड रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग अलर्ट हो गया है. पूर्व की घटनाओं से सबक न लेने पर प्रबंधन की कार्यप्रणाली एक बार फिर सवालों के घेरे में है।
क्षेत्र के कोठरी स्थित वीआईटी यूनिवर्सिटी परिसर में पिछले एक सप्ताह से छात्रों के बीमार होने की खबरें लगातार सामने आ रही थीं. शुरुआत में संस्थान प्रबंधन ने मामले को सामान्य बताते हुए दबाने का प्रयास किया. बीमार छात्रों को भोपाल ले जाकर जांच कराई गई, जिनमें से कुछ को अस्पताल में भर्ती भी किया गया, जबकि कई छात्रों को गर्मी या सामान्य बीमारी बताकर घर भेज दिया गया.
सूत्रों के अनुसार, 60 से 150 छात्रों के बीच वायरल बुखार, सर्दी-खांसी और अन्य लक्षणों से प्रभावित होने की चर्चा थी. हालांकि प्रबंधन ने केवल 10-20 छात्रों के बीमार होने की बात स्वीकार की. लेकिन जब 17 छात्रों की टायफाइड रिपोर्ट पॉजिटिव आने की जानकारी सामने आई, तो पूरे मामले ने गंभीर रूप ले लिया.
मामले के उजागर होने के बाद प्रशासन हरकत में आया. स्थानीय अधिकारियों ने यूनिवर्सिटी पहुंचकर प्रबंधन के साथ बैठक की और पानी, स्वच्छता तथा भोजन की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए. इसके बावजूद स्थिति में अपेक्षित सुधार नहीं दिखा, जिससे सवाल और गहरे हो गए हैं.
गुरुवार को मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी के निर्देश पर स्वास्थ्य, खाद्य एवं लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी (पीएचई) विभाग की संयुक्त टीम ने कैंपस में जांच की. स्वास्थ्य विभाग की टीम ने बीमार करीब 10 छात्रों के ब्लड सैंपल लिए, जिन्हें जांच के लिए भेजा गया है. पीएचई विभाग ने होस्टल ब्लॉक 3, 4 और 5 के आरओ सिस्टम, कैंटीन और पानी स्टोरेज टैंकों से कुल 7 पानी के सैंपल लिए हैं. वहीं खाद्य सुरक्षा विभाग ने मैस से चावल की सब्जी, पनीर और अन्य खाद्य सामग्री के सैंपल लेकर जांच के लिए भोपाल भेजे हैं.
गौरतलब है कि इससे पहले भी पानी की कमी और अव्यवस्थाओं को लेकर कैंपस में छात्रों द्वारा हंगामा, तोडफ़ोड़ और बसों में आगजनी जैसी घटनाएं हो चुकी हैं. उस समय स्थिति को संभालने के लिए छात्रों को छुट्टी देकर घर भेजा गया था.
