
गुना। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व सांसद लक्ष्मण सिंह ने सोमवार को गुना में मीडिया से रूबरू होते हुए प्रदेश की सियासत में एक नया राजनीतिक शिगूफा छोड़ दिया है। लक्ष्मण सिंह ने न सिर्फ देश और प्रदेश के ज्वलंत मुद्दों पर अपनी बेबाक राय रखी, बल्कि कांग्रेस और भाजपा दोनों को आड़े हाथों लेते हुए रीजनल कांग्रेस के गठन का बड़ा एलान कर दिया।
प्रेस वार्ता के दौरान सबसे सनसनीखेज दावा करते हुए लक्ष्मण सिंह ने कहा कि वे स्वयं मध्य प्रदेश में रीजनल कांग्रेस बनाने के प्रयास में जुटे हैं और लगातार कार्यकर्ताओं के संपर्क में हैं। उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कांग्रेस का दिल्ली का नेतृत्व बेहद कमजोर है, उसे बदलने की जरूरत है। अब फैसले निचले स्तर पर होने चाहिए ताकि कार्यकर्ता मजबूत हो। जनता इस समय भाजपा और कांग्रेस दोनों से ही नाराज है, जिसका फीडबैक हमें मिल रहा है। लक्ष्मण सिंह ने दावा किया कि साल 2028 के विधानसभा चुनाव में मध्य प्रदेश में किसी भी दल को पूर्ण बहुमत नहीं मिलेगा और अगर रीजनल कांग्रेस अस्तित्व में आती है, तो वह सत्ता में किंगमेकर की भूमिका निभाएगी। उन्होंने तंज कसते हुए यह भी कहा कि केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के भाजपा में जाने के बाद अब कांग्रेस का कोई विधायक पाला नहीं बदलेगा।
गुना विधायक पन्नालाल शाक्य की हालिया बयानबाजी पर तीखा हमला बोलते हुए पूर्व सांसद ने कहा कि शाक्य बिना राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के इशारे के कुछ नहीं बोलते। उन्हें जो स्क्रिप्ट दी गई है, वे वही बोल रहे हैं। अगर ऐसा नहीं होता, तो भाजपा अब तक उन पर कार्रवाई कर चुकी होती। इसी कड़ी में उन्होंने सिंधिया समर्थकों को नसीहत देते हुए कहा कि जो लोग कांग्रेस छोड़कर भाजपा में गए हैं, वे संघ पर राज नहीं कर सकते। उन्हें भाजपा की रीति-नीति के अनुसार ही चलना होगा, वरना भाजपा वाले चुनाव हराना भी अच्छी तरह जानते हैं।
देश के अन्य प्रमुख मुद्दों पर बात करते हुए लक्ष्मण सिंह ने नीट परीक्षा में धांधली और पेपर लीक मामले पर इसे तुरंत रद्द करने की मांग की। उन्होंने कहा मेडिकल कॉलेजों में प्रवेश के लिए ओपन एग्जाम होना चाहिए क्योंकि नीट परीक्षा बच्चों को विभाजित कर रही है। सरकार ने देश के बड़े मुद्दों को आईएएस अधिकारियों और मंत्रियों के भरोसे छोड़ दिया है। ब्यूरोक्रेट्स की कोई जिम्मेदारी तय नहीं होती, इसलिए शिक्षाविदों और डॉ. मनमोहन सिंह जैसे बड़े अर्थशास्त्रियों को साथ लेकर सरकार और विपक्ष को एक सर्वमान्य मसौदा तैयार करना चाहिए।
गुना के बूढ़े बालाजी और पुरानी छावनी में दूषित पानी की समस्या पर उन्होंने नाराजगी जताई। सिंह ने कहा कि जनप्रतिनिधि नगरपालिका को अपनी बापौती न समझें और पानी व सफाई जैसी व्यवस्थाओं को तकनीकी विशेषज्ञों के हाथों में सौंपकर नेताओं-अफसरों का दखल बंद करें। उन्होंने मावन में फैक्ट्री लगाने के फैसले का स्वागत किया, साथ ही मांग की कि सिंचाई बांधों के निर्माण को देखते हुए नारायणपुरा की शक्कर फैक्ट्री को तुरंत शुरू किया जाए और चैनपुरा औद्योगिक क्षेत्र का विस्तार हो।
