
ग्वालियर। माधव विधि महाविद्यालय की कैरियर गाइडेंस सेल द्वारा एलएलएम के विद्यार्थियों के लिए कार्यशाला का आयोजन किया गया जिसका शीर्षक था “हाउ टू राइट ए रिसर्च पेपर एंड प्रपोजल।” कार्यशाला का उद्देश्य विद्यार्थियों की रिसर्च स्किल एनहांस करना था ताकि वह कोर्ट में अच्छे से अपने पक्षकार का पक्ष उच्चतम न्यायालय एवं उच्च न्यायालय के न्याय दृष्टांतों के माध्यम से प्रस्तुत कर सकें एवं अपने पक्षकार को न्याय दिला सकें ।
इस कार्यशाला का दूसरा उद्देश्य एलएलएम के विद्यार्थियों को पीएचडी एंट्रेंस एवं नेट परीक्षा हेतु तैयार करना भी है। यह जानकारी कैरियर गाइडेंस सेल की संयोजक श्रीमती रोली श्रीवास्तव ने देते हुए बताया कि प्रत्येक शनिवार इस प्रकार के सेशन आयोजित करने के लिए विद्यार्थियों द्वारा कहा गया। कार्यशाला में विद्यार्थियों ने डॉ. नीति पांडे से अनेक प्रश्न भी पूछे जिनका समाधान डॉ. पांडे द्वारा रोचक ढंग से डेली लाइफ उदाहरण के माध्यम से किया गया। इस दौरान डॉ.पांडे ने कई रियल शोध समस्याओं का उदाहरण देकर बहुत ही आसान ढंग से शोध से संबंधित कॉन्सेप्ट क्लीयर किया। डॉक्टर पांडे ने कहा कि सिर्फ डिग्री प्राप्त करने के लिए ही शोध ना करे बल्कि समाज में चेतना लाने के लिए समाज कल्याण के विषयों पर शोध करें एवं भारतीय पद्धति अपनाते हुए अपने निष्कर्ष पर पहुंचे। उन्होंने कहा लव जिहाद सामाजिक समरसता पंच परिवर्तन एवं अनेक विषय हैं जिन पर शोध की आवश्यकता है। शोधार्थी को इन विषयों को भी ध्यान रखना चाहिए। डॉ. पांडे ने कहा कि दो चार किताबें पढ़कर कुर्सी पर बैठकर शोध नहीं होता शोध के लिए फील्ड वर्क और डाटा कलेक्शन अत्यंत महत्वपूर्ण है। यही आपके शोध को रिलायबल एक्यूरेट ऑथेंटिक और सामाजिक उपयोगी बनता है ।
इसके साथ ही डॉ.पांडे ने विद्यार्थियों को शोध पत्र लिखने के स्टेप बाय स्टेप समझाए।
