बारिश से पहले दुरुस्त हों सीवर लाइनें, लापरवाही पर सख्त कार्रवाई – अपर मुख्य सचिव

ग्वालियर: एलिवेटेड रोड निर्माण के कारण क्षतिग्रस्त हुई सीवर लाइनों, मैनहोल और सीवर चेंबरों की मरम्मत बारिश से पहले हर हाल में पूरी की जाए। शहरवासियों को वर्षाकाल में सीवर संबंधी किसी भी परेशानी का सामना नहीं करना पड़े, इसके लिए संबंधित अधिकारी तत्काल प्रभाव से आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करें। यह निर्देश अपर मुख्य सचिव संजय दुबे ने नगर निगम के विकास कार्यों एवं एलिवेटेड रोड परियोजना की समीक्षा बैठक में दिए।

समीक्षा के दौरान अपर मुख्य सचिव ने स्पष्ट रूप से कहा कि एलिवेटेड रोड निर्माण के लिए स्वर्णरेखा नदी में डाली गई मिट्टी तत्काल हटाई जाए। साथ ही क्षतिग्रस्त सीवर लाइन और चेंबरों की मरम्मत में किसी प्रकार की ढिलाई न बरती जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि यदि वर्तमान एजेंसी कार्य करने में सक्षम नहीं है तो नई एजेंसी या वेंडर को तत्काल जिम्मेदारी सौंपी जाए। संबंधित अधिकारी दो दिन के भीतर यह सुनिश्चित करें कि कार्य किस एजेंसी द्वारा कराया जाएगा।

उन्होंने कहा कि मरम्मत कार्य पर होने वाला व्यय संबंधित ठेकेदार के भुगतान से समायोजित किया जाए। उन्होंने फेस-2 के ठेकेदार को 30 मई तक आवश्यक कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए।बैठक में केदारपुर डंपिंग साइट पर लीगेसी वेस्ट प्रबंधन की भी समीक्षा हुई। अधिकारियों ने बताया कि अब तक लगभग 6 लाख मीट्रिक टन कचरे की प्रोसेसिंग की जा चुकी है। शेष कचरे के निष्पादन के लिए नई एजेंसी को कार्य दिया गया है, जो प्रतिदिन 1200 टन कचरे की प्रोसेसिंग दो शिफ्टों में करेगी।
बैठक में जीआईएस मैपिंग कार्य की समीक्षा भी की गई। अधिकारियों ने बताया कि 36 वार्डों में मैपिंग पूर्ण हो चुकी है, जिसमें 68 हजार नई संपत्तियां चिन्हित की गई हैं। अपर मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि चिन्हित संपत्तियों के डेटा का सत्यापन कर संपूर्ण जीआईएस सर्वे की विस्तृत कार्ययोजना तैयार की जाए

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