जबलपुर: धान घोटाले में राइस मिलर द्वारा की गई धांधली और गड़बड़ियां कोई नई बात नहीं थी। पूर्व में भी इनकी शिकायतें सामने आई थी परंतु किसी भी प्रकार की जांच न होने से इन राइस मिलर के हौसले बुलंद होते गए और धान की अफरा तफरी चलती रही। जनवरी माह में भी आयुषी एग्रो इंडस्ट्रीज द्वारा समिति से माल उठाया गया था परंतु उसे राइस मिल में ना पहुंचाकर कहीं हेरा फेरी कर दी थी। जिसको लेकर खबरें भी सामने आई थी परंतु तत्कालीन नान जिला प्रबंधक ने इसे नकार दिया था, लेकिन गुरुवार रात हुई कार्यवाही में उक्त राइस मिलर सोनम साहू के ऊपर भी एफआईआर दर्ज हो चुकी है, जिससे यह साबित होता है कि काफी समय से उक्त राइस मिलर द्वारा धांधली की जा रही थी, परंतु नान अधिकारी ही उसे क्लीन चिट देते गए।
ये खबर आई थी सामने
जानकारी के अनुसार मनीष साहू द्वारा पहाड़ीखेड़ा में सोनम साहू के नाम पर आयुषी एग्रो इंडस्ट्रीज का संचालन किया जाता है। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक जनवरी माह में मिल को संचालित करने वाले मनीष साहू द्वारा 30 – 30 आरओ का दो लॉट का एग्रीमेंट किया था। जिसके बाद नॉन की आईडी से 31 लॉट घट चुके थे, परंतु मिलर्स के पास स्टॉक नहीं था। जबकि जो स्टॉक मिलर्स के पास रखा हुआ है, उसमें समिति की पर्ची नहीं लगी हुई थी, जिससे साफ पता चलता था कि मिलर्स ने माल उठाकर उसकी हेराफेरी कर दी, उसके बदले में जो माल मिलर्स के पास रखा हुआ है,उस पर किसानों की पर्ची नहीं लगी थी।
अधिकारी ही मिलर को देते रहे संरक्षण
आयुषी एग्रो इंडस्ट्रीज पहाड़ीखेड़ा में हुए इस हेराफेरी की जानकारी नवभारत को लगी थी। जिसको लेकर खबर भी प्रकाशित की गई थी, परंतु जब इस मामले में तत्कालीन नागरिक आपूर्ति निगम के जिला प्रबंधक दिलीप किरार से बात की गई तो उनका कहना था, आयुषी राइस मिल का काम बहुत बढ़िया है और लॉट गायब होने की भ्रामक जानकारी फैलाई जा रही है। देखा जाए तो उक्त अधिकारी ही राइस मिलर को बचाने के प्रयास में लगे हुए थे, जिसके चलते जब जांच हुई तो गुरुवार की रात उक्त राइस मिल के संचालक सोनम साहू के ऊपर भी एफआईआर दर्ज हुई है, जिसने लगभग 1 करोड़ से ऊपर धान की अफरातफरी की है।
