मुंबई, (वार्ता) सोनी सब के पौराणिक धारावाहिक ‘हस्तिनापुर के वीर’के कलाकारों का मानना है कि सच्ची महानता केवल शक्ति में नहीं, बल्कि मूल्यों, ईमानदारी और धर्म के मार्ग पर अडिग रहने में निहित होती है।
भीष्म पितामह की भूमिका निभा रहे अभिनेता मनीष वाधवा ने कहा कि महानता अपने सिद्धांतों पर अडिग रहने में है। उन्होंने कहा कि आज के समय में ईमानदारी, धैर्य और निस्वार्थ भाव जैसे मूल्य पहले से अधिक महत्वपूर्ण हो गए हैं तथा सच्चे नायक अपनी ताकत से नहीं, बल्कि अपने चरित्र से लोगों को प्रेरित करने के कारण याद किए जाते हैं।
कुंती की भूमिका निभा रहीं तोरल रसपुत्रा ने कहा कि असली ताकत धैर्य और करुणा में निहित होती है। उन्होंने कहा कि बच्चों को अच्छे संस्कार और मजबूत मूल्य देना ही किसी भी माता-पिता की सबसे बड़ी विरासत है।
गांधारी की भूमिका निभा रहीं विवाना सिंह ने कहा कि सच्चा प्रेम अपने प्रियजनों की गलतियों पर पर्दा डालना नहीं, बल्कि उन्हें सही रास्ता दिखाना है। उन्होंने कहा कि ईमानदारी और जवाबदेही ही प्रेम का सबसे बड़ा स्वरूप है।
शकुनी की भूमिका निभा रहे चंदन आनंद ने कहा कि उनका किरदार यह दर्शाता है कि क्रोध, प्रतिशोध और छल किस प्रकार रिश्तों और पूरे राज्य को विनाश की ओर ले जाते हैं। उन्होंने कहा कि महाभारत केवल नायकों का गुणगान नहीं करती, बल्कि विरोधी पात्रों की गलतियों से भी महत्वपूर्ण जीवन-पाठ सिखाती है।
यह धारावाहिक सोनी सब पर सोमवार से शनिवार रात नौ बजे प्रसारित किया जाता है।
