न्यूयॉर्क, 26 जून (वार्ता) परमाणु हथियारों को खत्म करने के अभियान को आगे बढ़ाने और परमाणु बम के हमलों में बचे लोगों से बातचीत करने के लिए 39 देशों के 50 युवा 29 जून से तीन जुलाई तक हिरोशिमा और नागासाकी की यात्रा करेंगे।
इस कार्यक्रम में भारत, अफगानिस्तान, ब्राजील, घाना, ईरान, लेबनान, मैक्सिको, रूस और अमेरिका सहित कई देशों के प्रतिभागी शामिल हो रहे हैं। ये सभी ‘परमाणु हथियारों से मुक्त दुनिया के लिए युवा नेता कोष’ (यूथ लीडर फंड – वाईएलएफ) का हिस्सा हैं, जो जापान के सहयोग से संयुक्त राष्ट्र द्वारा चलाई जा रही एक पहल है।
अपनी इस यात्रा के दौरान, यह समूह परमाणु बम हमलों में बचे लोगों से मुलाकात करेगा, जिन्हें ‘हिबाकुशा’ कहा जाता है। इसके अलावा ये युवा जापान के सरकारी अधिकारियों, नागरिक समाज संगठनों और युवा प्रतिनिधियों के साथ बातचीत करेंगे। वे 1945 के परमाणु बम हमलों के मानवीय और पर्यावरणीय परिणामों का अध्ययन करने के लिए हिरोशिमा और नागासाकी में जमीनी स्तर पर जाकर दौरा भी करेंगे।
इस पूरे कार्यक्रम का समापन हिरोशिमा में युवाओं के नेतृत्व में होने वाले एक कार्यक्रम के साथ होगा, जिसका नाम ‘फ्रॉम मेमोरी टू एक्शन’ रखा गया है। इस दौरान प्रतिभागियों से परमाणु-हथियार-मुक्त दुनिया के लिए नीतिगत और प्रचार से जुड़े विचार पेश करने की उम्मीद है।
इस कार्यक्रम का एक मुख्य परिणाम प्रतिभागियों द्वारा तैयार की जाने वाली एक हैंडबुक (मार्गदर्शिका) होगी, जो भविष्य में निरस्त्रीकरण की वकालत में युवाओं की भागीदारी का मार्गदर्शन करेगी।
संयुक्त राष्ट्र की अवर-महासचिव और निरस्त्रीकरण मामलों की उच्च प्रतिनिधि इज़ुमी नाकामित्सु ने कहा, “वाईएलएफ युवा नेताओं को निरस्त्रीकरण नीति से लेकर पीड़ितों की कहानियों और अनुभवों जैसे कई विषयों से जोड़कर एक मजबूत शैक्षिक आधार प्रदान करता है।”
सुश्री नाकामित्सु ने कहा कि प्रतिभागी ‘दूर से केवल देखने वाले दर्शक नहीं हैं, बल्कि निरस्त्रीकरण की वकालत और चर्चाओं में सक्रिय रूप से योगदान देने वाले भागीदार हैं।’
आयोजकों ने कहा कि इस कार्यक्रम का एक मुख्य ध्यान कहानियों को बयान करने और पत्रकारिता का प्रशिक्षण देने पर रहा है, ताकि प्रतिभागी व्यापक दर्शकों तक पीड़ितों के अनुभवों और परमाणु इतिहास को बेहतर तरीके से पहुंचा सकें।
