लंदन, (वार्ता) चीन गुओ हान्यू और फ्रांस क्रिस्टीना म्लादेनोविच की जोड़ी ने रविवार को फाइनल में शानदार प्रदर्शन करते हुए कनाडा की गैब्रिएला डाब्रोवस्की और ब्राजील लुइसा स्टेफनी की जोड़ी को हराकर विंबलडन महिला युगल का खिताब अपने नाम किया। आज यहां खेले गये फाइनल मैच में दसवीं वरीयता प्राप्त गुआ और क्रिस्टीना की जोड़ी ने एक घंटा 32 मिनट तक चले मुकाबले में दूसरी वरीयता प्राप्त कनाडा की गैब्रिएला डाब्रोव्स्की और ब्राजील की लुइसा स्टेफनी को सीधे सेटों में 6-3, 7-5 से हराया।
अपने पहले बड़े फ़ाइनल में खेलते हुए, गुओ ने अपनी पहली ग्रैंड स्लैम ट्रॉफी जीती। युगल में पूर्व वर्ल्ड नंबर वन म्लादेनोविच ने महिला युगल में अपना सातवां और कुल मिलाकर दसवां बड़ा खिताब जीता (इसमें तीन मिश्रित युगल खिताब भी शामिल हैं)। 2022 में रोलैंड गैरोस जीतने के बाद यह उनकी पहली ग्रैंड स्लैम जीत है।
जनवरी में ऑकलैंड में अपनी टीम की शुरुआत में जीत के बाद, यह इस जोड़ी का 2026 में दूसरा खिताब है। साथ ही, इस इवेंट में दोनों खिलाड़ियों के लिए यह पहला विंबलडन खिताब है।
खिताब जीतने के बाद म्लादेनोविच ने कहा, “हान्यू कहती हैं कि वह खुशकिस्मत हैं कि मैंने उन्हें चुना, लेकिन मैं उनका शुक्रिया अदा करना चाहती हूं कि उन्होंने मुझ पर भरोसा किया और मेरे साथ खेलना चाहा, क्योंकि मैंने ही उनसे सीज़न की शुरुआत में मेरे साथ खेलने के लिए कहा था। जब मैं वापसी कर रही थी, तो मेरी कोई रैंकिंग नहीं थी। पिछले साल मुझे गंभीर चोट लगी थी, और उन्होंने ज़रा भी हिचकिचाहट नहीं दिखाई। और मुझे उनके साथ यहां खड़े होने पर बहुत गर्व है।”
