बर्लिन, 22 अप्रैल (वार्ता) रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने जर्मनी में रहने वाले करीब तीन लाख भारतीय प्रवासियों को दोनों देशों के बीच सबसे मजबूत सेतु बताते हुए कहा है कि उन्होंने व्यापार, प्रौद्योगिकी, स्वास्थ्य सेवा, शिक्षा और कला जैसे विभिन्न क्षेत्रों में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। उन्होंने भारतीय प्रवासियों से अपनी विरासत से जुड़े रहते हुए भारत-जर्मनी साझेदारी को और मजबूत बनाने में अपना योगदान जारी रखने का आग्रह किया। तीन दिन की यात्रा पर यहां आये श्री सिंह ने पहले दिन भारतीय प्रवासी समुदाय के साथ संवाद किया। रक्षा मंत्रालय ने बुधवार को बताया कि रक्षा मंत्री ने जर्मनी में मौजूद भारतीयों से वैश्विक स्तर पर भारत के दृष्टिकोण को बढ़ावा देने और आर्थिक संबंधों को मजबूत करने का आग्रह किया।
श्री सिंह ने कहा कि वर्ष 2026 जर्मनी के साथ राजनयिक संबंधों के 75 वर्ष पूर्ण होने का प्रतीक है, जो विश्वास, आपसी सम्मान और साझा लोकतांत्रिक मूल्यों पर आधारित हैं। उन्होंने भारतीय प्रवासियों से आग्रह किया कि वे अपनी विरासत से जुड़े रहते हुए भारत-जर्मनी साझेदारी को और मजबूत बनाने में अपना योगदान जारी रखें। उन्होंने विश्व के विभिन्न हिस्सों में रहने वाले भारतीय प्रवासियों को सरकार के निरंतर समर्थन और सुरक्षा का आश्वासन देते हुए उनके प्रति देश की प्रतिबद्धता को दोहराया। रक्षा मंत्री ने भारत की तीव्र आर्थिक वृद्धि और तकनीकी प्रगति के बारे में चर्चा करते हुए बुनियादी ढांचे, स्टार्टअप, अंतरिक्ष और डिजिटल नवाचार में हुई प्रगति का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि आत्मनिर्भर भारत की परिकल्पना का उद्देश्य घरेलू क्षमताओं को मजबूत करना, विनिर्माण को बढ़ावा देना और आयात पर निर्भरता को कम करना है। श्री सिंह ने इस संवाद को एक विशेष क्षण बताते हुए कहा कि उनका और उनके प्रतिनिधिमंडल का उत्साहपूर्ण स्वागत भारत-जर्मनी की मजबूत और बढ़ती साझेदारी का प्रतीक है।

