टोक्यो/नयी दिल्ली 29 अगस्त (वार्ता) भारत और जापान ने सभी तरह के आतंकवाद की कड़ी निंदा करते हुए जम्मू कश्मीर के पहलगाम हमले के दोषियों , साजिशकर्ताओं और धन मुहैया कराने वालों को जल्द से जल्द न्याय के कठघरे में लाये जाने की जरूरत पर बल दिया है। दोनों देशों ने अलकायदा, आईएसआईएस, लश्कर ए तैयबा तथा जैश ए मोहम्मद जैसे आतंकवादी संगठनों के खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई करने की मांग की।
जापान यात्रा पर गये प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अपने समकक्ष शिगेरु इशिबा के साथ शुक्रवार को यहां पन्द्रहवें भारत-जापान वार्षिक शिखर सम्मेलन में हिस्सा लिया। सम्मेलन के बाद संयुक्त वक्तव्य में दोनों प्रधानमंत्रियों ने सीमा पार आतंकवाद सहित सभी तरह के आतंकवाद और हिंसक उग्रवाद की साफ शब्दों में कड़ी निंदा की।
उन्होंने पहलगाम में आतंकवादी हमले की कड़े शब्दों में निंदा की और संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की निगरानी दल की 29 जुलाई की रिपोर्ट का संज्ञान लिया जिसमें प्रतिबंधित आतंकवादी संगठन द रेजिस्टेंस फ्रंट (टीआरएफ) का उल्लेख था। प्रधानमंत्री मोदी ने बताया कि टीआरएफ ने इस हमले की ज़िम्मेदारी ली है। प्रधानमंत्री इशिबा ने इस पर चिंता व्यक्त की।
दोनों नेताओं ने इस निंदनीय कृत्य के दोषियों, आयोजकों और वित्तपोषकों को बिना किसी देरी के न्याय के कटघरे में लाने की जरूरत बतायी। उन्होंने अलकायदा, आईएसआईएस/दाएश, लश्कर-ए-तैयबा (एलईटी), जैश-ए-मोहम्मद (जेईएम) और उनके समर्थकों सहित सभी संयुक्त राष्ट्र में सूचीबद्ध आतंकवादी संगठनों के खिलाफ ठोस कार्रवाई करने की भी मांग की। उन्होंने आतंकवादियों के सुरक्षित ठिकानों को नष्ट करने, आतंकवादी वित्तपोषण चैनलों और अंतरराष्ट्रीय अपराध के साथ उनके गठजोड़ को खत्म करने तथा आतंकवादियों की सीमा पार आवाजाही को रोकने के लिए दृढ़ कार्रवाई करने का भी आह्वान किया।
