इंदौर: लसूडिया थाना क्षेत्र में एक व्यवसायी को कथित रूप से प्रताड़ित करने के मामले में डीसीपी ने एसआई सहित पांच पुलिसकर्मियों को सस्पेंड कर दिया है. मामला रिटायर्ड एसीपी से जुड़े प्रॉपर्टी विवाद में वारंट तामील के दौरान कार्रवाई को लेकर सामने आया है.कारोबारी गौरव जैन पिछले एक साल से वरिष्ठ अधिकारियों से शिकायत कर रहा था कि पुलिस उसे धमका रही है, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई.
आरोप है कि 1 अप्रैल को लसूडिया थाने के एसआई संजय विश्नोई सहित अन्य पुलिसकर्मी उसके घर में जबरन घुसे, पहले निगरानी की, फिर कैमरे बंद कर मास्टर चाबी से ताला खोलकर अंदर घूसे. इस दौरान तलाशी के बाद उसे साथ ले गए और घर से करीब 22 तोला सोना गायब होने का आरोप है. गौरव के मुताबिक उसे रातभर थाने में रखने के बाद निजी कार से ग्वालियर ले जाया और एक गेस्ट हाउस में रखा, जहां मारपीट की.
उसने यह भी आरोप लगाया कि एक पुलिसकर्मी ने उससे 27 हजार रुपए लिए. 16 अप्रैल को कारोबारी ने ऑडियो रिकॉर्डिंग के साथ पुलिस कमिश्नर और डीसीपी को शिकायत दी. मामले की जांच एसीपी स्तर पर कराई गई, जिसमें साक्ष्य मिलने के बाद एसआई संजय विश्नोई, रणवीर कुशवाह, प्रणीत भदौरिया, दिनेश गुर्जर और दीपेंद्र मिश्रा को सस्पेंड कर दिया. व्यवसायी का कहना है कि केवल सस्पेंशन पर्याप्त नहीं है, यदि एफआईआर दर्ज नहीं हुई तो वह उच्च स्तर तक शिकायत करेगा.
वहीं एसआई संजय विश्नोई ने आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि पूरी कार्रवाई नियमों के तहत की गई है और शिकायतकर्ता साजिश के तहत आरोप लगा रहा है. बताया जा रहा है कि पूरा विवाद 65 लाख रुपए के लेनदेन को लेकर शुरू हुआ था, जिसमें रिटायर्ड एसीपी और उनके सहयोगियों के नाम सामने आए हैं. पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जांच में मिले साक्ष्यों के आधार पर पांचों पुलिसकर्मियों को सस्पेंड कर दिया है, आगे की कार्रवाई जांच के आधार पर की जाएगी.
