मुंबई, 22 अप्रैल (वार्ता) आईपीएल 2026 में गुरूवार को एल-क्लासिको मुक़ाबले में मुंबई इंडियंस (एमआई ) का सामना चेन्नई सुपर किंग्स (सीएसके) से मुंबई में होगा। अंक तालिका में निचले पायदानों पर चल रहीं आईपीएल की दो सबसे सफल टीमों के बीच अब तक 39 मुक़ाबले हुए हैं, जिसमें एमआई को 21, जबकि सीएसके को 18 में जीत मिली है। वानखेड़े में हुए 13 मुक़ाबलों में भी एमआई की टीम 8-5 से आगे है। लेकिन 2023 से दोनों टीमों के बीच हुए पांच मुक़ाबलों में एमआई सिर्फ़ एक ही मैच जीत पाई है। ऐसे में वह अपने इस हालिया रिकॉर्ड को बेहतर करना चाहेगी। टी 20 विश्व कप के अच्छे फ़ॉर्म से आ रहे संजू सैमसन का प्रदर्शन इस आईपीएल सीज़न में मिला-जुला रहा है। उन्होंने दिल्ली कैपिटल्स (डीसी) के ख़िलाफ सीजन का पहला शतक लगाया, अगले मैच में कोलकाता नाइट राइडर्स (केकेआर) के ख़िलाफ़ भी 48 रनों की पारी खेली, लेकिन छह में से चार पारियों में वह दहाई का आंकड़ा भी नहीं पार कर पाए हैं। एमआई के ख़िलाफ़ उनका संघर्ष जारी रह सकता है। ट्रेंट बोल्ट, दीपक चाहर और मिचेल सैंटनर उन्हें तीन-तीन बार जबकि हार्दिक पंड्या और जसप्रीत बुमराह उन्हें दो-दो बार अपना शिकार बना चुके हैं। हार्दिक के ख़िलाफ़ उनके 179 के स्ट्राइक रेट को छोड़ दिया जाए, तो अन्य गेंदबाज़ों के ख़िलाफ़ वह 140 से भी कम स्ट्राइक रेट से रन बना पाते हैं। सैंटनर के ख़िलाफ़ चार पारियों में तो उनका स्ट्राइक रेट सिर्फ़ 57 का है, जबकि बुमराह के ख़िलाफ़ भी वह सिर्फ़ 105 के स्ट्राइक रेट से रन बना पाते हैं।
सैमसन के सलामी जोड़ीदार और सीएसके के कप्तान ऋतुराज गायकवाड़ भी फ़ॉर्म से जूझ रहे हैं और छह पारियों में उनके नाम एक भी 30 का स्कोर नहीं है। नई गेंद से बोल्ट उन्हें परेशान कर सकते हैं, जिनके ख़िलाफ़ छह पारियों में वह तीन बार आउट हुए हैं और सिर्फ़ 110 के स्ट्राइक रेट से रन बना पाते हैं।
अकील के पास है डी कॉक का तोड़ क्विंटन डी कॉक को जब पंजाब किंग्स के ख़िलाफ़ इस सीज़न पहली बार मौक़ा मिला, तो उन्होंने इसे शतक के साथ भुनाया। हालांकि अगले मैच में गुजरात टाइटंस (जीटी) के ख़िलाफ़ वह सस्ते में आउट हो गए। सीएसके को अगर उन्हें रोकना है, तो अकील हुसैन नई गेंद संभाल सकते हैं। वह डी कॉक को पांच बार टी20 मैचों में आउट कर चुके हैं, जबकि डी कॉक उन पर सिर्फ़ 132 के स्ट्राइक रेट से रन बना पाते हैं। डेथ ओवरों में दुबे की काट हैं बुमराह सैमसन की तरह शिवम दुबे भी विश्व कप के अच्छे फ़ॉर्म से आए थे और उन्होंने अपने आपको भारत और आईपीएल स्तर पर एक बेहतरीन फ़िनिशर के रूप में स्थापित कर लिया है। इस सीज़न छह में से तीन नाबाद पारियां भी इसका संकेत देती हैं। हालांकि बुमराह के ख़िलाफ़ डेथ ओवरों में उन्हें संभलकर खेलना होगा, जो उन्हें सात पारियों में तीन बार आउट कर चुके हैं, जबकि दुबे उन पर सिर्फ़ 66 के स्ट्राइक रेट से रन बना पाते हैं। हालांकि शार्दुल ठाकुर अगर खेलते हैं, तो अपने मुंबई के कप्तान के ख़िलाफ दुबे हमला बोल सकते हैं, क्योंकि वह ठाकुर पर 161 के स्ट्राइक रेट से रन बनाते हैं, जबकि ठाकुर उन्हें छह पारियों में एक भी बार आउट नहीं कर पाए हैं।
विल जैक्स का स्वागत ख़राब कर सकती है सीएसके की स्पिन जोड़ी विल जैक्स, एमआई के दल से जुड़ चुके हैं और सीएसके के ख़िलाफ़ मैच के लिए वह उपलब्ध रहेंगे। हालांकि सीएसके की नूर अहमद और अकील की स्पिन जोड़ी उनके स्वागत को किरकिरा कर सकती है। नूर ने पांच पारियों में उन्हें दो बार आउट किया है और जैक्स उन पर सिर्फ़ 128 के स्ट्राइक रेट से रन बना पाते हैं। वहीं अकील ने भी उन्हें दो बार आउट किया है, हालांकि जैक्स उन पर 182 के स्ट्राइक रेट से रन बनाते हैं। नूर, जैक्स के अलावा एमआई के मध्य क्रम के अन्य बल्लेबाज़ों को भी परेशान करते हैं। सूर्यकुमार यादव उनका दो जबकि शरफ़ेन रदरफ़ोर्ड तीन बार शिकार हुए हैं।

