खबर का असर
जबलपुर: निगमायुक्त की फटकार के बाद नगर निगम का सफाई अमला नींद से जागा और फिर सड़क पर सफाई भी नजर आई। पूरा मामला दर्शन चौक गुरंदी का है जहां पिछले 3 से चार दिनों से बीच सड़क पर नाले-नालियों की सिल्ट का पहाड़, मलबा एकत्रित कर छोड़ दिया गया था। नवभारत ने विगत 19 अप्रैल के अंक में बीच सड़क पर लगाया मलबे का ढेर, स्वच्छता के तमाम दावे सिरे से खारिज के शीर्षक के साथ प्रकाशित की थी जिसके बाद निगमायुक्त ने इस पर त्वरित एक्शन लिया और सफाई अमले का जमकर फटकार लगाई।
इसके बाद सफाई अमले ने सोमवार दोपहर को सड़क पर जमा मलबे का ढेर साफ कराया। क्षेत्र से गंदगी साफ होते ही स्थानीय दुकानदार अशोक चौकसे, राजू सहित अन्य लोगों ने निगमायुक्त और नवभारत के प्रति आभार व्यक्त किया। दुकानदारों का कहना था कि कम से कम अब हम लोगों को गंदी बदबू के बीच नहीं रहना पड़ेगा।
नजदीक है स्वच्छता सर्वेक्षण
विदित हो कि स्वच्छता सर्वेक्षण नजदीक है, दिल्ली से टीम जबलपुर आने वाली है और अभी नगर निगम जबलपुर देश के 5वें सबसे स्वच्छ शहर में शुमार है। इसी को लेकर निगमायुक्त, महापौर लगातार प्रयास कर रहे हैं कि नगर निगम जबलपुर की स्वच्छता में रैकिंग पांचवे से हटकर पहले नंबर पर आए। लेकिन जमीनी हकीकत में सफाई अमला लापरवाही बरत रहा है जिस कारण रैकिंग फिसलने का डर भी जिम्मेदारों को अब सताने लगा है।
